निघासन। ब्लॉक क्षेत्र के कौड़िया गांव में मंगलवार की शाम नाले में 17 गोवंशों के शव मिलने के मामले में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की भूमिका सामने आई है।
बृहस्पतिवार शाम सीडीओ अनिल कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और वहां मौजूद ग्राम प्रधान व सचिव को मामले में लापरवाही बरतने पर फटकार लगाई। डॉक्टर व पशुधन प्रसार अधिकारी को सप्ताह भर कैंप करने के निर्देश दिए। बीडीओ को गोशाला की देखरेख के लिए 10 संभ्रांत लोगों की कमेटी बनाने को कहा। जबकि हंगामा कर रहे गोरक्षक सेना, हिंदू वाहिनी कार्यकर्ताओं को समझाया।
बता दें कि मंगलवार रात सोशल मीडिया पर एक नाले में पड़े मृत गोवंशीय अवशेषों का वीडियो वायरल हुआ था। मामला बृहस्पतिवार को भी चर्चा में रहा। जिलेभर में हिंदू संगठनों ने विरोध जताया। बृहस्पतिवार को गोशाला में ग्राम प्रधान राजकुमार सिंह, पंचायत सचिव राजेश कुमार वहीं डटे रहे। शाम करीब तीन बजे तहसीलदार भीमचंद, डिप्टी सीवीओ डॉ. इंद्रदेव महर, बीडीओ जयेश सिंह, सीओ पलिया और मझगईं कोतवाल भी वहां पहुंच गए। इन लोगों ने गोशाला के इंतजाम दुरुस्त कराने के लिए प्रधान और पंचायत सचिव को निर्देश दिए।
शाम करीब साढ़े पांच बजे सीडीओ अनिल सिंह कौड़िया पहुंचे। उन्होंने पूरी गोशाला घूमकर वहां चारा-पानी और गायों के रहने का इंतजाम देखा। डॉक्टर ने दो गायें बीमार बताईं।
सीडीओ ने बीडीओ को यहां का केयरटेकर बदलने को कहा। उन्होंने यहां मौजूद 315 मवेशियों के अलावा एक भी मवेशी न लेने की हिदायत दी। इसी बीच वहां पहुंचे नवनिर्माण सामाजिक सेवा समिति के अध्यक्ष पारिजात मिश्रा, राष्ट्रीय गोरक्षक सेना के जिलाध्यक्ष चिंटू पुरी, हिंदू वाहिनी के आरएन शुक्ला, विमल मिश्र और आरएसएस कार्यकर्ता चंदन पांडे व सूरज को समझाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
संयुक्त टीम द्वारा जांच की गई। पोस्टमार्टम भी करवाया गया, जिसमें अलग अलग दिनों में मौत की बात सामने आई है। मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच के बाद दोषी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-महेंद्र बहादुर सिंह, डीएम
संपूर्णानगर के विशेनपुरी में बने गोवंश आश्रय केंद्र में मौजूद गोवंश। संवाद