पलियाकलां। रविवार सुबह पलिया-भीरा मार्ग पर शारदा पुल तक सड़क से पानी निकल गया। केवल सड़क किनारे ही भरा हुआ है। हालांकि बनबसा बैराज से एक लाख 68 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद शारदा नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। पलिया-भीरा मार्ग एक बार फिर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है।
सात जुलाई को हुई पहली बारिश में अतरिया के पास रेललाइन को काटकर शारदा नदी ने अतरिया के आगे स्थित पुलिया भी काट दी थी। तब से इस मार्ग पर आवागमन के लिए कोई न कोई दिक्कतें सामने आ रही हैं। शनिवार से पलिया-भीरा मार्ग छोटे वाहनों के लिए खोला, लेकिन रात में बनबसा बैराज से करीब एक लाख से अधिक रिलीजिंग होने के बाद पानी बढ़ गया था। शनिवार को पूरे दिन पानी पलिया-भीरा मार्ग पर तेज धार में बहता रहा।
पलटने से बचा मैजिक वाहन
पलिया-भीरा मार्ग पर बाढ़ के पानी में शनिवार की देर रात गुजर रहा एक मैजिक वाहन किनारे पर उतर गया। गनीमत रही कि वह पलटा नहीं और मैजिक में सवार लोगों को किसी तरह से वाहन को ऊपर चढ़ाया गया। जिसके बाद मैजिक आगे रवाना हुई। इससे पूर्व भी एक सेंट्रो कार व स्कूटी पानी में सड़क किनारे उतर गए थे।
भारी वाहनों के जाने की रोक बरकरार
प्रशासन की तरफ से पलिया-भीरा मार्ग पर रविवार को पानी उतरने के बाद भी भारी वाहनों के निकलने पर रोक बरकरार रखी। पुलिया की वजह से इस मार्ग से भारी वाहनों को निकलने नहीं दिया जा रहा है। इस बारे में नेशनल हाईवे अथाॅरिटी ने तहसील प्रशासन को लिखित भी दिया है कि जब तक पुलिया की ठीक प्रकार से मरम्मत नहीं होगी, तब तक इस पर से भारी वाहनों का प्रवेश नहीं हो सकता है। जिसके बाद ही पुलिया से बड़े वाहनों का प्रवेश निषेध कर दिया गया है।
मरम्मत के लिए तैनात रहे कर्मी
नेशनल हाईवे अथाॅरिटी की तरफ से भारी तादाद में कर्मियों को तैनात किया है। कर्मी बराबर पुलिया पर नजर रख रहे हैं। रविवार को कई जगह बोरियां लगाकर पानी के बहाव को रोका। जानकारों ने बताया कि एक बार अगर पुलिया पर पानी आ जाएगा तो उसके बाद फिर कटने से कोई रोक नहीं पाएगा।
जिस हिसाब से बनबसा बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है, उससे यथास्थिति बनी रहेगी और कोई खतरा नहीं है। जिस प्रकार पहले पानी आया था उसने गोविंदनगर की तरफ काफी नुकसान किया था। अब पानी के सड़क पर आने की उम्मीद ज्यादा नहीं है।
कार्तिकेय सिंह, एसडीएम पलिया