लखीमपुर खीरी। एक अक्तूबर से शुरू हो रही धान खरीद पर सरकार ने प्रति क्विंटल 143 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस बार 2183 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से धान की खरीद की जाएगी। पिछले साल 2023-24 में न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की है। ग्रेड ए के धान का समर्थन मूल्य 2203 रुपये नियत है। जिले में पांच क्रय एजेंसियों के 169 क्रय केंद्रों पर खरीद की जाएगी।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि सदर तहसील में 49, गोला में 45, पलिया में 12, मोहम्मदी में 23, मितौली में 14, निघासन में आठ और धौरहरा में 18 केंद्र बनाए गए हैं। सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक खरीद की जाएगी। डीएम ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 के लिए किसानों को खाद्य विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in अथवा विभाग के मोबाइल एप up kisan mitra पर पंजीयन कराना होगा।
पंजीकृत किसानों से ही धान खरीदा जाएगा। 2023-24 में गेहूं व धान खरीद के लिए पंजीकरण करा चुके किसानों को दोबारा पंजीकरण नहीं कराना पड़ेगा। हालांकि, उक्त पंजीकरण को संशोधित कर लॉक कराना होगा। अगर कोई दिक्कत आती है तो कंट्रोल रूम नं. 6396239116 या संबंदित तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी या विपणन निरीक्षक से संपर्क कर सकते हैं।
पीएफएमएस से सीधे आधार लिंक बैंक खाते में होगा भुगतान
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान सुखाकर ही केंद्र पर धान लाएं। पंजीकरण के लिए के लिए वर्तमान मोबाइल नंबर ही अंकित कराएं। एसएमएस द्वारा प्रेषित ओटीपी भरकर पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण करें। धान के मूल्य का भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से सीधे किसानों के आधार लिंक बैंक खाते में करने की व्यवस्था है।
तहसील में एसडीएम होंगे नोडल
किसानों को असुविधा से बचाने के लिए प्रत्येक केंद्र पर पर्यवेक्षणीय अधिकारियों, कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। यदि कोई केंद्र प्रभारी समस्या उत्पन्न करता है तो, कार्रवाई की जाएगी। धान क्रय की व्यवस्था सही ढंग से चले, इसके लिए तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी नोडल अफसर होंगे।
डीएम के आदेश पर मिलों से होगा संबद्धीकरण
डिप्टी आरएमओ संतोष पटेल ने बताया कि ब्लैक लिस्टेड, धान-चावल का गबन करने वाले, बकाया कस्टम मिल चावल (सीएमआर) वाली, शासन को क्षति पहुंचाने वाली मिलों से कस्टम मिलिंग का कार्य नहीं कराया जाएगा। क्रय एजेंसियों से प्राप्त मिलों के संबद्धीकरण प्रस्ताव के अनुमोदन से पूर्व डीएम की अध्यक्षता में सभी क्रय एजेंसियों के जिला प्रबंधकों, सहायक आयुक्त, निबंधक सहकारिता एवं मिल मालिकों के साथ बैठक भी की जाएगी।