सरकारी धान खरीद केंद्र पर सन्नाटा
लखीमपुर खीरी। धान खरीद हुए तीन दिनों का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक सरकारी केंद्रों पर एक भी दाना धान का नहीं खरीदा जा सका है। क्रय केंद्रों पर कर्मचारी के साथ ही सारी तैयारियां मुकम्मल होने के बाद भी किसान नहीं पहुंच रहे हैं। सुबह नौ सेंटर खुल जाने के बाद से कर्मचारी दिनभर किसानों का इंतजार करते रहते हैं।
इधर, किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्र पर फसल बेचने के लिए तमाम तरह के परीक्षण और कागजी कार्रवाई से गुजरना पड़ता है। जरा सी कमी मिलने पर सरकारी केंद्रों पर फसल नहीं खरीदी जाती है। इससे बचने के लिए किसान अपनी फसलों को प्राइवेट आढ़तों पर बेच रहा है। आढ़तों पर 1900 रुपये तक धान खरीदा जा रहा है। सरकारी रेट भले ही इससे ज्यादा हो लेकिन किसान रजिस्ट्रेशन कराने से लेकर भुगतान तक में लगने वाले समय का इंतजार करने को तैयार नहीं है। इस बार पांच एजेंसियों के कुल 169 केंद्रों पर धान खरीद की जानी है।
उधर, मोहम्मदी में भी सरकारी क्रय केंद्र सन्नाटे से जूझ रहे हैं। यहां का किसान शाहजहांपुर और पुवायां मंडी में धान बेचने के लिए जा रहा है। विपणन अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि हमारे सेंटरों पर तैयारी पूर्ण है। किसान धान लेकर नहीं आ रहा है।
प्राइवेट में रोजाना हो रही करीब 2500 क्विंटल धान खरीद
मंडी परिषद में बनाए गए सरकारी धान क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हो, लेकिन आढ़तों किसानों की मौजूदगी से गुलजार दिखाई दे रही हैं। आढ़तों पर हर रोज 1800 से लेकर 1905 रुपये क्विंटल तक धान की बोली लगाई जा रही है। मंडी में हर रोज दो हजार से लेकर 2500 क्विंटल तक की धान खरीद की जा रही है।
सरकारी धान खरीद केंद्र पर सन्नाटा