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टंकी पर चढ़ा कर्मचारी: बोली- दो महीने से नहीं मिली पगार, कैसे मनाएं होली का त्योहार, कर लूंगा आत्महत्या

Fri, 03 Mar 2023 05:29 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

पानी की टंकी पर चढ़े कर्मचारी ने कहा कि उसे दो माह का वेतन नहीं मिला है। होली का पर्व करीब है। वेतन न मिलने से उसके सामने आर्थिक तंगी के हालात हैं। उसने ईओ और निवर्तमान चेयरमैन पर उत्पीड़न करने का भी आरोप लगाया। 
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टंकी पर चढ़ा आउटसोर्सिंग कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी की मैलानी नगर पंचायत में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारी (चालक) धर्मेंद्र दो माह से वेतन न मिलने और प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाकर शुक्रवार को सुबह दस बजे पानी की टंकी पर चढ़ गया। वह टंकी से कूदने की धमकी देने लगा। सूचना पर पहुंची पुलिस के आश्वासन पर करीब डेढ़ घंटे तक चले ड्रामे के बाद नीचे उतरा। धर्मेंद्र ने ईओ और चेयरमैन पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। 

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मोहल्ला काली मंदिर निवासी धर्मेंद्र नगर पंचायत में आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से चालक के पद पर कार्यरत है। धर्मेंद्र सुबह दस बजे बाईपास तिराहा स्थित नगर पंचायत की पानी की टंकी पर चढ़ गया। मोबाइल से उसने इसकी सूचना डीएम और एसओ को देते हुए कहा कि उसे दो माह का वेतन नहीं मिला है। होली का पर्व करीब है। वेतन न मिलने से उसके सामने आर्थिक तंगी के हालात हैं। 

बच्चों की फीस और रोजमर्रा की चीजें भी खरीदना मुश्किल है। वेतन नहीं मिला तो वह टंकी से कूदकर आत्महत्या कर लेगा। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। इलाके के लोग और निवर्तमान चेयरमैन सत्यवती भी मौके पर पहुंचीं। सभी ने धर्मेंद्र से नीचे उतरने को कहा, लेकिन वह नहीं माना। काफी देर बाद एसओ राहुल सिंह गौर के समझाने और समस्या निवारण के आश्वासन के बाद ही वह नीचे उतरा। 

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ईओ, चेयरमैन पर उत्पीड़न का भी आरोप

धर्मेंद्र ने बताया कि उसे पिछले दो माह से वेतन नहीं मिल सका है। चेयरमैन रहीं सत्यवती के पास जाने पर उन्होंने कहा कि ईओ वेतन देंगे। ईओ उसे वेतन के नाम पर पिछले 15 दिनों से टरकाते चले आ रहे हैं। उसने कहा कि कई बार नगर पंचायत गया, लेकिन ईओ ने कहा कि अभी गाड़ी सर्विस के लिए गई है, जब गाड़ी आए, तब आना। कई बार नगर पंचायत कार्यालय गया, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला और न ही वेतन मिला। 

उसका आरोप यह भी है कि दो दिन पहले चेयरमैन ने फोन पर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने और मैलानी में न रहने देने की चेतावनी भी दी। कहा कि ईओ और निवर्तमान चेयरमैन के उत्पीड़न और वेतन न मिलने से तंग आकर उसे यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा। एसओ ने कहा कि ईओ जिला मुख्यालय गए हैं, वापस लौटने पर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला सुलझा दिया जाएगा।
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पांच जनवरी नहीं आ रहा ड्यूटी पर 

मैलानी नगर पंचायत के ईओ राजेश चौधरी ने कहा कि धर्मेंद्र सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से चालक के पद पर कार्यरत है। पांच जनवरी तक उपस्थिति के बाद वह कार्यालय नहीं आया। इस कारण सेवा प्रदाता कंपनी को पांच जनवरी के बाद धर्मेंद के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।

निवर्तमान चेयरमैन सत्यवती ने कहा कि धर्मेंद नगर पंचायत में ड्यूटी पर नहीं जा रहा है। उसने करीब दो माह पहले मुझसे प्लॉट खरीदेने के लिए पांच लाख रुपये मांगे थे। न देने पर अनर्गल आरोप लगा रहा है। झूठे मुकदमे में फंसाने और मैलानी में न रहने देने की धमकी के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और झूठे हैं। किसी के बहकावे में आकर वह ऐसी हरकतें कर रहा है।
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