ईओ, चेयरमैन पर उत्पीड़न का भी आरोप
धर्मेंद्र ने बताया कि उसे पिछले दो माह से वेतन नहीं मिल सका है। चेयरमैन रहीं सत्यवती के पास जाने पर उन्होंने कहा कि ईओ वेतन देंगे। ईओ उसे वेतन के नाम पर पिछले 15 दिनों से टरकाते चले आ रहे हैं। उसने कहा कि कई बार नगर पंचायत गया, लेकिन ईओ ने कहा कि अभी गाड़ी सर्विस के लिए गई है, जब गाड़ी आए, तब आना। कई बार नगर पंचायत कार्यालय गया, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला और न ही वेतन मिला।
उसका आरोप यह भी है कि दो दिन पहले चेयरमैन ने फोन पर उसे झूठे मुकदमे में फंसाने और मैलानी में न रहने देने की चेतावनी भी दी। कहा कि ईओ और निवर्तमान चेयरमैन के उत्पीड़न और वेतन न मिलने से तंग आकर उसे यह कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा। एसओ ने कहा कि ईओ जिला मुख्यालय गए हैं, वापस लौटने पर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला सुलझा दिया जाएगा।
पांच जनवरी नहीं आ रहा ड्यूटी पर
मैलानी नगर पंचायत के ईओ राजेश चौधरी ने कहा कि धर्मेंद्र सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से चालक के पद पर कार्यरत है। पांच जनवरी तक उपस्थिति के बाद वह कार्यालय नहीं आया। इस कारण सेवा प्रदाता कंपनी को पांच जनवरी के बाद धर्मेंद के वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।
निवर्तमान चेयरमैन सत्यवती ने कहा कि धर्मेंद नगर पंचायत में ड्यूटी पर नहीं जा रहा है। उसने करीब दो माह पहले मुझसे प्लॉट खरीदेने के लिए पांच लाख रुपये मांगे थे। न देने पर अनर्गल आरोप लगा रहा है। झूठे मुकदमे में फंसाने और मैलानी में न रहने देने की धमकी के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और झूठे हैं। किसी के बहकावे में आकर वह ऐसी हरकतें कर रहा है।