सातवीं के जुलूस में माैजूद लोग। संवाद
खीरी टाउन। कस्बा खीरी में मुहर्रम के सातवीं का जुलूस रविवार को अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। जुलूस मोहल्ला शेख सराय से निकलकर कस्बे में निर्धारित रास्तों से निकला।
खीरी कस्बे में हजरत इमाम हुसैन की याद में शेख सराय स्थित दरगाह से मुमताज मियां के नेतृत्व में सातवीं का जुलूस निकाला गया। जुलूस में मातमी धुन में या हुसैन या हुसैन की सदाओं से वातावरण गूंजता रहा। धार्मिक जानकार सैय्यद सलमान अहमद रिजवी ने बताया कि रसूल के नवासे हजरत अली के बेटे हजरत इमाम हुसैन के पूरे घर पर यजीद द्वारा कर्बला में पानी बंद कर दिया गया था।
इमाम हुसैन के 72 साथियों को प्यासा शहीद कर दिया था। उसी याद में अकीदतमंद हर साल हुसैन के गम को याद कर पानी की सबील लगाकर लोगों को पानी पिलाते हैं। सातवीं का जुलूस सुबह शेख सराय, बाजार,अवधी टोला, हानिया टोला, बुखारी टोला होता हुआ देर रात शिया इमामबाड़ा मुगली टोला पहुंचा।
जुलूस में लोग हाथों में अलम ताजिया लेकर चलते रहे। दुलदुल को चना, दूध-जलेबी खिलाते रहे। जगह-जगह इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मजलिसों का आयोजन किया गया। मजलिस में कर्बला की दर्द भरी दास्तां सुनकर अकीदतमंदों ने आंसुओं से श्रद्धांजलि दी। शिया मुसलमानों ने काले कपड़े पहन ,सीने पर मातम करके गम का इजहार किया।