सरकार करवा रही फिजिबिलिटी टेस्ट
स्टेट हाईवे 135 के डिजाइन में परिवर्तन न किया गया तो यह राज्य राजमार्ग शहर के मध्य से निकल सकता है। बता दें कि प्रदेश के 21 नए राजमार्गं को दो वर्ष के भीतर फोरलेन किया जाएगा, जिसमें सीतापुर-गोला-अलीगंज-बिजुआ स्टेट हाईवे भी शामिल है। सरकार इसके लिए फिजिबिलिटी टेस्ट करवा रही है।
सीतापुर से बिजुआ आने के लिए अभी लगभग ढाई घंटे का समय लगता है, जो घटकर डेढ़ घंटे का रह जाएगा। अभी तक लखनऊ से दुधवा नेशनल पार्क जाने के लिए लखीमपुर पलिया हाईवे का इस्तेमाल हो रहा है, जिस पर लोड ज्यादा होने की वजह से अक्सर जाम की समस्या से जूझना पड़ता है।
फोरलेन हाइवे पर ब्लॉक बिजुआ का लगभग 15 किलोमीटर भाग आता है, इसके बन जाने से ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी। लोगों का कहना है जहां पर तीव्र मोड़ है, वहां पर हाईवे को सीधा करने के लिए दोबारा सर्वे करवाने की आवश्यकता है।