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Lakhimpur Kheri News: अब स्टील के बर्तनों में पकेगा मध्याह्न भोजन

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लखीमपुर खीरी। परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन एल्युमिनियम के बर्तनों के बजाय अब स्टेनलेस स्टील के बर्तनों में पकाया जाएगा। शासन ने बीएसए को आदेश जारी करते हुए तत्काल प्रक्रिया अमल में लाने के निर्देश दिए हैं। एल्युमिनियम के बर्तनों में भोजन पकाने से लीचिंग (भोजन में एल्युमिनियम की मात्रा का बढ़ जाना) का खतरा बढ़ जाता है।
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ग्रामीण इलाकों में संचालित किए जा रहे परिषदीय स्कूलों में रसोइये मध्याह्न भोजन बनाकर बच्चों को परोसते हैं। शहरी क्षेत्रों में फर्म के कर्मचारी भोजन बनाकर भेजते हैं। ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में भोजन बनाने में प्रयोग होने वाले बर्तन एल्युमिनियम के होते हैं। इन बर्तनों में भोजन के पकने से लीचिंग का खतरा बढ़ जाता है। इस खतरे को देखते हुए मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की निदेशक कंचन वर्मा ने बीएसए को पत्र जारी करते हुए जल्द से जल्द इन बर्तनों का उपयोग कम करने के निर्देश दिए हैं।
निर्देश में कहा है कि इन बर्तनों में भोजन पकाने की अवधि व तापमान का ध्यान न रखने से भोजन में एल्युमिनियम की मात्रा बढ़ जाती है। इससे बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विद्यालयों में भोजन पकाने के लिए अब जो भी बर्तन खरीदे जाएं, वह स्टेनलेस स्टील के हों।
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शरीर पर होते हैं हानिकारक प्रभाव
बताया जाता है कि शरीर में एल्युमिनियम की मात्रा बढ़ने से बच्चों की याददाश्त कमजोर करने के साथ ही हड्डियों को कमजोर बनाता है। इतना ही नहीं त्वचा रोग भी होने लगते हैं। जिनमें खुजली, डैंड्रफ, पेट से संबंधित बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। जिला अस्पताल के फिजिशियन रोहित पाठक ने बताया कि एल्युमिनियम की मात्रा ज्यादा बढ़ने से किडनी तक फेल हो सकती है।
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शासन के निर्देश का पालन कराया जाएगा। एल्युमिनियम के बर्तनों का कम से कम उपयोग हो, इसको लेकर सभी बीईओ को भी निर्देश जारी किए जाएंगे।
प्रवीण कुमार तिवारी, बीएसए
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