लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व में यदि बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ा है, तो उनके भोजन के भंडार में भी बढ़ोतरी हुई है। बाघों के भोजन के रूप में मौजूद शाकाहारी पशु खासकर हिरनों, नीलगायों और जंगली सुअरों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे दुधवा में खाद्य शृंखला समृद्ध हुई है।
दुधवा टाइगर रिजर्व में मौजूदा समय में 153 बाघ हैं, जबकि इससे पहले 2018 में बाघों की संख्या 105 थी। बाघों की संख्या में इस बढ़ोतरी के पीछे दुधवा में अनुकूल प्राकृतवास और भोजन-पानी की पर्याप्त उपलब्धता बताई जाती है। बाघों की संख्या बढ़ने के साथ ही शाकाहारी पशुओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हिरन, जंगली सुअर और नीलगाय आदि वन्यजीवों को बाघ चाव से खाते हैं। दुधवा में हिरन की पांच प्रजातियां एक साथ पाई जाती हैं। इतनी संख्या में हिरन कहीं दूसरी जगह नहीं मिलते। इनके अलावा जंगल के बाहर घूमने वाले छुट्टा पशु के रूप में बाघों को पर्याप्त आहार मिल रहा है।
दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों के लिए यह है भोजन का भंडार
वन्यजीव..............वर्ष 2019...........वर्ष 2022
पाढ़ा......................3344..................3670
वनरोज.................4454...................5515
सांभर.....................316.....................318
चीतल.................21199.................22408
बारासिंघा..............2538...................3691
काकड़...................1270...................1284
जंगली सुअर........14413.................15411
वनगाय................1510....................3152
इंसेट.......
ग्रासलैंड और वेटलैंड के बेहतर प्रबंधन से मजबूत हुई खाद्य शृंखला
दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघ और तेंदुओं को पर्याप्त भोजन मिले, इसके लिए शाकाहारी पशुओं के लिए भी पर्याप्त भोजन-पानी जरूरी है। दुधवा की पूरी खाद्य शृंखला को मजबूत बनाने के लिए यहां के ग्रासलैंड और वेटलैंड के बेहतर प्रबंधन पर खास तौर से ध्यान दिया जा रहा है। शाकाहारी पशुओं की पसंदीदा घास का विस्तार और अनुपयोगी घास को हटाया जा रहा है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण भी दुधवा टाइगर रिजर्व में ग्रासलैंड और वेटलैंड के बेहतर प्रबंधन की तारीफ कर चुका है।
दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही हैं। इसका बड़ा कारण दुधवा की खाद्य शृंखला का मजबूत और समृद्ध होना है। दुधवा में शाकाहारी वन्यजीवों की संख्या बढ़ाने के लिए यहां ग्रासलैंड और वेटलैंड के बेहतर मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- ललित कुमार वर्मा, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व