रोडवेज बस से अगर आप लखीमपुर से बहराइच जाने की सोच रहे हैं तो यहां कोई बस नहीं मिलेगी। बहराइच जाना है तो सीतापुर होते हुए जाएं या फिर गोंडा जाने वाली लंबी रूट की रोडवेज बसों से जा सकते हैं। उसके लिए चौराहे पर खड़े होकर लंबा इंतजार करना पड़ेगा। लंबी रूट की बस कब आती है, उसका कोई भी समय नहीं है।
लखीमपुर डिपो के पास 88 बसे हैं, जो सभी अनुबंधित हैं। रोडवेज के पास खुद की कोई भी बस नहीं है। लखीमपुर से सबसे ज्यादा सीतापुर, लखनऊ की बसे हैं। उसके बाद गोला, शाहजहांपुर, धौराहरा रूट की बसें हैं। कुछ बसें बरेली व पीलीभीत की है, लेकिन बहराइच जाने के लिए कोई भी बस नहीं है।
रोडवेज पर रोजाना कोई भूला भटकता बस स्टाफ पर बहराइच के लिए पहुंचता है, लेकिन जब बस सेवा न होने की जानकारी मिलती है तो मायूसी के अलावा कुछ भी हाथ नहीं लगता। विभाग का कहना है कि इस रूट पर सवारियां नहीं मिलती।
ट्रेन की सुविधा भी नहीं
लखीमपुर से बहराइच रूट पर कोई ट्रेन सेवा भी नहीं है। रोडवेज बस न चलने से यात्रियों को बहराइच जाने के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना होता है। जबकि लखीमपुर का पड़ोसी जिला बहराइच है, जो 140 किलोमीटर की दूरी पर है। रोजाना काफी लोगों का आना-जाना रहता है, लेकिन कोई साधन न होने से यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती है।
लखीमपुर के एआरएम मकेश मेहरोत्रा ने बताया कि लखीमपुर रोडवेज से बहराइच के लिए फिलहाल बस सेवा नहीं है। इस रूट पर बहुत कम यात्री हैं, ऐसे में बस सेवा नहीं शुरू की गई है।