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Lakhimpur Kheri News: महिला अस्पताल में प्रोटीन जांच के इंतजाम नहीं

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जिला महिला अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने के लिए  इंतजार करती महिलाएं-फाइल
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लखीमपुर खीरी। जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं में प्रोटीन जांच के लिए कोई इंतजाम नहीं है। डॉक्टर अनुभव के आधार पर प्रोटीन की कमी का अंदाजा लगाकर दवा लिख रहे हैं।
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सुरक्षित प्रसव और प्रसव के दौरान होने वाली परेशानियों के प्रति महिलाओं को जागरूक करने के लिए प्रत्येक वर्ष 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया जाता है। विशेष दिवस के अलावा भी जिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी सहित स्वास्थ्य केंद्रों पर समय-समय पर महिलाओं को इसके प्रति जागरूक किया जाता है, लेकिन कई जगह संसाधनों की कमी के चलते दिक्कतें आ जा रही हैं।
जिला महिला अस्पताल में रोज 400 से 500 महिलाओं की ओपीडी हो रही है। करीब 25 महिलाओं के प्रसव होते हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए अस्पताल में कई प्रकार की जांचों की सुविधा है, लेकिन प्रोटीन जांच की कोई भी सुविधा नहीं है।
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प्रोटीन कम होने से ये दिक्कतें बढ़ जाती हैं
प्रोटीन की मात्रा कम होने से पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं कर पाता। ऐसे में भूख न लगना आम बात है। प्रोटीन हमारे बालों, त्वचा और नाखूनों को मजबूती देता है। इसकी कमी से नाखून कमजोर होकर टूटने लगते हैं। बाल पतले होकर झड़ने लगते हैं। ऐसे में शरीर के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी है।
इनके सेवन से दूर होती है प्रोटीन की कमी
शरीर के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी है। अगर किसी को प्रोटीन की कमी है तो वह चना, मटर, मंग, मसूर, सोयाबीन, पनीर, राजमा, गेहूं, मक्का, दूध के अलावा मांस व मछली, अंडा आदि के सेवन करने से प्रोटीन की कमी दूर होती है।


अस्पताल में प्रोटीन जांच की सुविधा नहीं है। डॉक्टर अनुभव के आधार पर दवा देते हैं। वैसे सभी महिलाओं को प्रोटीन युक्त आहार देने के लिए प्रेरित किया जाता है। जिनमें कम लगता है, उनको विशेष सलाह दी जाती हैं। प्रोटीन जांच सुविधा के लिए मांग की जा चुकी है।
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- डॉ. ज्योति मेहरोत्रा, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
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