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Lakhimpur Kheri News: 40 नहीं, अब मोहम्मदी रेंज के सिर्फ 15 किलोमीटर क्षेत्र में होगा इको टूरिज्म

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द​क्षिण खीरी वन प्रभाग में इको टूरिज्म का स्वागत द्वार
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लखीमपुर खीरी। नए पर्यटन सत्र से सैलानी सिर्फ मोहम्मदी रेंज के देवीपुर बीट में ही भ्रमण कर सकेंगे। वन विभाग ने इस पर्यटन सत्र से इको टूरिज्म सर्किट को महज 15 किलोमीटर के दायरे में समेटने का निर्णय लिया है। यहां बता दें कि सिमरिया झील का 25 किलोमीटर का इलाका जंगल क्षेत्र से बाहर था, जिसे इको टूरिज्म से हटा दिया गया है।
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प्राकृतिक सौंदर्य और दुर्लभ वन्यजीवों से भरपूर दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मोहम्मदी और गोला रेंज के अलावा दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन में इको टूरिज्म का विकास करने के लिए वन विभाग ने दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला और मोहम्मदी में एक टूरिस्ट सर्किट बनाया था, जो कामयाब नहीं हो सका। वन विभाग इसकी असफलता के लिए यहां लंबे समय तक नेपाली हाथियों के प्रवास को जिम्मेदार ठहरा रहा है, जबकि सच यह है कि सुविधाओं का अभाव, सर्किट का एक बड़ा हिस्सा जंगल से बाहर होने के कारण सैलानी इस सर्किट की ओर आकर्षित ही नहीं हुए। यही हाल दुधवा टाइगर रिजर्व के टूरिस्ट सर्किटों का भी रहा, जहां एक भी सैलानी ने कदम नहीं रखा।
डीएफओ संजय विश्वाल ने बताया कि गोला और मोहम्मदी रेंज में बनाए गए टूरिस्ट सर्किट का बड़ा हिस्सा जंगल से बाहर सड़क से होकर गुजरता था। अब इस सर्किट को केवल मोहम्मदी रेंज के देवीपुर बीट तक ही सीमित किया जा रहा है। इसका दायरा सिर्फ 15 वर्ग किलोमीटर को होगा। इस दायरे में घना जंगल होने के साथ ही यहां बाघों के अलावा हिरन, जंगली सुअर समेत विभिन्न प्रजातियों के वन्यजीव की अच्छी संख्या है। जंगल का प्राकृतिक सौंदर्य और दुर्लभ वन्यजीवों का दीदार करने के लिए सैलानी आकर्षित होंगे। सैलानियों की सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है।
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पर्यटन विभाग ने इको टूरिज्म के लिए दिए डेढ़ करोड़
पर्यटन विभाग ने इको टूरिज्म विकास के लिए दक्षिण खीरी वन प्रभाग को डेढ़ करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की है। इस धनराशि से टूरिस्ट सर्किट का प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। इसके अलावा सैलानियों के रुकने के लिए थारू हटों का निर्माण टूरिस्ट परिसर का निर्माण और रास्तों का निर्माण कराया जाएगा। इस बार वन विभाग द्वारा सैलानियों को भ्रमण कराने के लिए गाड़ियों की भी व्यवस्था की जाएगी।

दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मोहम्मदी रेंज में अब सिर्फ 15 किलोमीटर के दायरे में इको टूरिज्म होगा। इस बार सैलानियों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। सैलानियों के ठहरने के लिए थारू हट भी बनाए जाएंगे। - संजय विश्वाल, डीएफओ, दक्षिण खीरी वन प्रभाग

अब सेमरई झील इको टूरिज्म सर्किट से होगी बाहर

दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला और मोहम्मदी रेंज को जोड़कर करीब 40 किलोमीटर का टूरिस्ट सर्किट बनाया गया था। इसमें गोला रेंज में स्थित स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध सेमरई झील भी शामिल थी। नए सर्किट से अब सेमरई झील बाहर कर दी गई है। क्योंकि सेमरई झील के लिए जंगल के बजाय बाहर होकर जाना पड़ता था। इस रास्ते से गुजरने में सैलानियों को कोई दिलचस्पी नहीं थी। अब सैलानियों सेमरई झील में पक्षियों के दर्शन के लिए अलग से जाना होगा।
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