निघासन। हाथरस हादसे के बाद साकार विश्वहरि बाबा की चर्चा तेज हो गई है। नौ साल पहले लखीमपुर के निघासन में भी सत्संग खत्म होने के बाद बवाल हुआ था। महिलाएं सड़क पर लेट गई थीं। दो घंटे तक रोड ब्लॉक रही थी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत कर जाम खुलवाया था। बात महज इतनी थी कि दो गांवों की महिलाएं चाहती थीं कि बाबा उनके गांव में रुकें।
बाबा साकार विश्व हरि का क्रेज महिलाओं में बहुत अधिक है। यही कारण है कि इनके सत्संग में जुटने वाली भीड़ में महिलाओं की संख्या हमेशा ज्यादा रहती है। बाबा साकार विश्वहरि वर्ष 2015 में निघासन के सिंगाही में आए थे। अनुयायियों ने बेलरायां और निघासन में उनके ठहरने की व्यवस्था की थी।
सत्संग समाप्त होने के बाद बाबा जब गाड़ी में बैठे तो दो गांवों की महिलाएं भिड़ गईं। निघासन की महिलाओं का कहना था कि बाबा उनके गांव में रुकेंगे, जबकि बेलरायां की महिलाएं भी पीछे हटने को तैयार नहीं थीं। उनका कहना था बाबा अगर कहीं रुकेंगे तो सिर्फ बेलराया में। इस बात को लेकर काफी खींचतान होती रही। जब बात नहीं बनी तो महिलाएं सड़क पर लेट गईं।
दो घंटे तक पूरी सड़क जाम रही। पुलिस ने किसी तरह से जाम खुलवाया था। इस हंगामे से नाराज बाबा मंझरा पूरब के रास्ते से सुंदरवल चले गए। न वो निघासन में रुके और न बेलरायां में। नाराजगी का आलय यह था कि उन्होंने दो दिन का होने वाला कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया था। संवाद