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निघासन कांड: एक और नाबालिग को तीन साल की सजा

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लखीमपुर खीरी। अनुसूचित जाति की दो नाबालिग बहनों का अपहरण कर उनसे दुष्कर्म और हत्या के मामले में किशोर न्याय बोर्ड ने शनिवार को किशोर अपचारी को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। पिछले साल 14 सितंबर को हुई घटना के एक साल बीतने से पहले ही मामले के सभी छह अभियुक्तों को सजा हो गई है। एक नाबालिग समेत तीन दोषियों को आजीवन कारावास और दो को छह-छह साल कैद की सजा पिछले महीने ही हुई थी।
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किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान न्यायाधीश रवि पांडे ने नाबालिग के मामले में कानून में दी जाने वाली अधिकतम सजा दी है। न्यायालय ने 37 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इस रकम में से 18,500 रुपये किशोरियों की माता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी। अपने फैसले में नाबालिग अपराधी की बर्बरता का उल्लेख करते हुए ऐसे अपराध को संपूर्ण समाज के लिए कलंक बताया है। लिहाजा उसे दंड में नरमी बरती जाने योग्य नहीं माना। सजा सुनाए जाने के बाद उसे इटावा के राजकीय किशोर सदन भेज दिया गया। अदालत ने नाबालिग अपराधी को रोजगार परक प्रशिक्षण देने का आदेश भी दिया है। संवाद
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