बांकेगंज। नेपाल के शुक्ला फाटा नेशनल पार्क से निकलकर पीटीआर होते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व और दक्षिण खीरी वन प्रभाग में पहुंचे जंगली हाथियों के दल ने 75 दिन के लंबे प्रवास के बाद वतन वापसी के लिए कदम बढ़ा दिए हैं। इन दिनों इनकी लोकेशन बफरजोन की पलिया रेंज की लगदहन बीट जंगल में मिल रही है। यहां से ये भीरा रेंज की महराज नगर बीट से संपूर्णानगर रेंज होते हुए नेपाल सीमा में प्रवेश करेंगे।
नेपाल के शुक्ला फाटा नेशनल पार्क से 18 सितंबर 2023 को एक टस्कर हाथी संपूर्णानगर रेंज और पीटीआर होते हुए दुधवा नेशनल पार्क की किशनपुर सेंक्चुरी पहुंचा था। इसके तीन दिन बाद करीब 45 हाथियों का झुंड यहां पहुंचा। यहां कुछ दिन रहने के बाद ये हाथी दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की जटपुरा बीट होते हुए गोला-खुटार हाईवे पारकर दक्षिण खीरी वन प्रभाग की मोहम्मदी रेंज में जा पहुंचे। यहां इन हाथियों ने करीब एक सप्ताह का प्रवास किया। इस दौरान आसपास के खेतों में जमकर उत्पात मचाया और फसलों को तबाह कर दिया।
एक माह पहले इन हाथियों में से करीब 40 हाथियों का एक बड़ा दल गुपचुप ढंग से नेपाल वापस चला गया। पांच हाथी अभी तक किशनपुर सेंक्चुरी में डेरा डाले थे। ये हाथी किशनपुर सेंक्चुरी से निकलकर मैलानी रेंज की सुल्तानपुर बीट जंगल से सटे खेतों में उत्पात मचा रहे थे। पिछले तीन दिन से बफरजोन और किशनपुर सेंक्चुरी में इन हाथियों की लोकेशन नहीं मिल रही है। निगरानी टीमों के मुताबिक शुक्रवार को हाथी शारदा नदी पारकर बफरजोन की पलिया रेंज में पहुंच गए हैं।
हाथियों की गतिविधियों को देखते हुए ग्रामीण अनुमान लगा रहे थे कि संभवत: यह हाथी वापस न जाकर यहीं बसेरा बनाएंगे,लेकिन गन्ना और केला की फसल कम होते ही वापसी का रुख कर लिया। इनकी वापसी पर किसानों और वन विभाग को राहत मिली है।
इंसेट
प्रचलित कॉरिडोर से ही आए और गए हाथी
नेपाल के हाथी जिस रास्ते से आए थे,उसी रास्ते से अपनी वापसी कर रहे हैं। इससे पहले कुछ वर्षों में भी हाथी इन्हीं रास्तों से आते-जाते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाथी अपना कॉरिडाेर कभी नहीं छोड़ते।
वर्जन
नेपाल से आए जंगली हाथी नेपाल वापसी की ओर वापसी कर रहे हैं। इस समय उनकी लोकेशन पलिया रेंज में मिली है। जल्दी ही वे अपने प्रचलित कॉरिडोर से नेपाल पहुंच जाएंगे। बावजूद इसके लगातार निगरानी की जा रही है।
- ललित वर्मा, एफडी, दुधवा टाइगर रिजर्व
दुधवा से वापसी की़े ओर नेपाली हाथी।