तफ्तीश में लगा सुराग
मामले में जांच टीम के प्रभारी सीओ निघासन राजेश कुमार ने बताया कि पुलिस को पहले से ही किसी करीबी पर शक था। गांव के ही 8-10 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही थी। इसी दौरान एक अहम सुराग हाथ लगा कि किशोरी के पड़ोस में रहने वाला सद्दाम विकृत मानसिकता का है। उसकी शादी हो चुकी है, लेकिन वह अपनी पत्नी को अप्राकृतिक संबंध बनाने के लिए प्रताड़ित करता था। इससे नाराज वह सद्दाम को छोड़कर जा चुकी है। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने अपनी तफ्तीश तेज कर दी।
आरोपी के पैर में लगी गोली
सीओ निघासन ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि बुधवार रात 11 बजे आरोपी खैरटिया के चकरोड मार्ग से बंधा सड़क से होते हुए बहराइच के जंगल में भागने की फिराक में था। इसी दौरान, मुखबिर की सूचना पर आरोपी को चारों ओर से घेर लिया गया। जब टॉर्च से उसे रुकने का इशारा किया गया तो उसने पेड़ की आड़ लेकर फायरिंग शुरू कर दी।
इसके बाद स्वाट प्रभारी, उप निरीक्षक प्रभात गुप्ता व थाना प्रभारी सिंगाही जितेंद्र सिंह ने फायरिंग की। एक गोली आरोपी के पैर में लगी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसका चालान भेज दिया गया। सीओ निघासन ने बताया कि आरोपी ने कबूल किया है कि उसने ही किशोरी को मारा। आंख और मुंह पर मुक्के से चोट की है। इसके बाद मुंह और गला दबा दिया।