गोला के विद्यालय में नैट परीक्षा देते बच्चे।
लखीमपुर खीरी/गोला गोकर्णनाथ। परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के शैक्षिक गुणवत्ता का आंकलन करने के लिए निपुण एसेसमेंट टेस्ट तो संपन्न हो गया, लेकिन अधिकांश जगहों पर शिक्षकों ने ही गोला भरा। हालांकि, अध्यापकों का कहना था कि बच्चों से प्रश्नों के उत्तर पूछकर ही अध्यापकों ने परीक्षा संपन्न कराई।
गोला गोकर्णनाथ के प्राथमिक स्कूलों में परीक्षा संपन्न करवा रहे अध्यापकों ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश हैं कि बच्चे छोटे हैं। जो बच्चे ओएमआर शीट नहीं भर पा रहे हैं, उन बच्चों से उत्तर पूछकर अध्यापक विकल्प भर दें। यही हाल लगभग पूरे जिले का रहा, जहां पर बच्चों की तरफ से अध्यापकों ने ही ओएमआर शीट के गोले भरे।
यही हाल भीखमपुर कस्बे का भी रहा, जहां पर कक्षा एक से तीन के नौनिहालों में कुल पंजीकृत 87 बच्चों में से 81 बच्चे उपस्थित रहे। प्रधानाचार्य जयकुमार द्विवेदी ने बताया कि प्रश्नपत्र में आए प्रश्नों के अनुसार बच्चों से मौखिक पूछकर अध्यापकों ने ओएमआर टेस्ट कराया। ऐसे में सवाल है कि जिस लक्ष्य को साधकर नौनिहालों के सर्वांगीण विकास का दावा किया जा रहा है, क्या वह इस तरीके से पूरा हो पाएगा। बीएसए प्रवीण तिवारी का कहना है कि नैट के माध्यम से बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
21 को दूसरे चरण की परीक्षा होगी। इस परीक्षा में कक्षा चार से लेकर आठ तक छात्र छात्राएं उपस्थित रहेंगे।
10 फीसदी बच्चों ने छोड़ दी परीक्षा
शुक्रवार को परीक्षा में कुल 193869 छात्र-छात्राएं शामिल होने थे, जिसमें 90 फीसदी बच्चों ने परीक्षा दी। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि परीक्षा में 90 फीसदी बच्चे शामिल हुए। परीक्षा सुबह 09 बजे से लेकर 10:30 बजे हुई। इसके पश्चात 10:30 से 11:30 बजे तक आंकलन प्रपत्रों की स्कैनिंग की गई। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने लखीमपुर ब्लॉक के संविलियन विद्यालय कालाआम, प्राथमिक विद्यालय कालाआम प्रथम और प्राथमिक विद्यालय गूमचीनी का निरीक्षण किया। बताया कि इस दौरान बीईओ, एसआरजी और एआरपी विद्यालय का निरीक्षण करते रहे।