निघासन। गांव बरोठा के एक कथावाचक के बेटे ने नीट की परीक्षा चार बार पास करने के बाद जेआरएफ की परीक्षा पास की है। इस परीक्षा को पास करने के बाद पीएचडी करने के लिए 33 लाख रुपये सरकार देगी।
बरोठा गांव के कथावाचक राजेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि उनका बेटा सुधाकर त्रिपाठी संस्कृत से एमए करने के बाद नीट परीक्षा की तैयारी की। चार बार नीट तो पास की, लेकिन पैसा ना होने के कारण वह पीएचडी नहीं कर पाया। उसने हिम्मत नहीं हारी और इस बार नीट परीक्षा संस्कृत से पास की। जेआरएफ की परीक्षा में भी टाॅप किया। सुधाकर ने बताया मंझलीपुरवा के मां भारती स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की। उसके बाद उसने द्वारिका प्रसाद गायत्री इंटर कालेज से इंटरमीडिएट, बाद में तराई किसान महाविद्यालय से एमए की परीक्षा पास की। नीट परीक्षा के लिए उसने घर पर ही तैयारियां की। भाई भास्कर की मौत के बाद भी उसने हिम्मत नहीं हारी। इसका श्रेय वह गुरुजनों और परिजनों को देता है। संवाद