दो बच्चों के साथ मतदान कराने जाती कार्मिक। संवाद
लखीमपुर खीरी। सर...मेरा बच्चा छोटा है। भीषण गर्मी में बच्चे के साथ चुनाव ड्यूटी करना मुश्किल हो जाएगा। ड़्यूटी काट दीजिए। राजापुर गल्ला मंडी परिसर में रविवार को पोलिंग पार्टियों की रवानगी के दौरान गोद में छोटे बच्चे को लेकर कई महिला कार्मिक ड्यूटी कटवाने के लिए अफसरों से विनती करती नजर आईं। महिलाओं के अलावा दिव्यांग कार्मिक भी परेशान नजर आए।
ड्यूटी कटवाने का प्रयास रवानगी के समय तक चला। कुछ की ड्यूटी कट गई, लेकिन कुछ को पोलिंग पार्टियों के साथ जाना पड़ा। महिला कार्मिक अंजलि बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक शिक्षक है, इनकी ड्यूटी धौरहरा लोकसभा में लगी है। इनका डेढ़ साल का बच्चा है। गोद में बच्चा लिए अंजलि ने बताया कि उनके पति मिथलेश भी शिक्षा विभाग में शिक्षक हैं, जिनकी भी ड्यूटी लगी है।
ऐसे में बच्चे की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। अंजलि ने बताया कि ड्यूटी कटवाने के लिए अफसरों से गुहार लगाई थी, जिन्होंने थोड़ी देर बाद कटवाने का आश्वासन दिया है। राजापुर परिसर में महिला कार्मिक मुन्नी देवी भी अपने डेढ़ साल के बच्चे को लेकर ड्यूटी करने को मजबूर हुईं। इसी तरह करीब एक दर्जन से अधिक महिलाएं छोटे बच्चों को देखकर इधर-उधर भटक रही थीं।
दिव्यांग कार्मिक भी हुए परेशान
पैर से दिव्यांग और पैर में तकलीफ होने से कई कार्मिक परेशान नजर आए। चकबंदी विभाग में तैनात राजस्व निरीक्षक कृपा शंकर तिवारी के बाएं पैर में दिक्कत है। बिना किसी सहारा वह चल नहीं सकते है। बावजूद इनको पीठासीन अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। रविवार को वह अपने साथियों की मदद से पोलिंग बूथ के लिए रवाना हुए। पंचायत विभाग की दिव्या सक्सेना का बाया पैर पोलियोग्रस्त है, जो बैसाखी के सहारे चलती है। बताया कि ड्यूटी कटवाने के लिए कहा, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। अब ड्यूटी करने जाना पड़ेगा। दिव्यांग ब्रजेश कुमार भी परेशान नजर आए।