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Lakhimpur Kheri News: जिला अस्पताल की ओपीडी से ज्यादा टेली मेडिसिन से हुआ उपचार

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लखीमपुर खीरी। जिले में सर्दी का इस कदर असर है कि सरकारी अस्पताल में मरीजों की संख्या कम हो गई है। जबकि, टेली मेडिसिन के जरिये उपचार पाने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। दिसंबर महीने में विभिन्न बीमारियों के 32,844 मरीजों ने ऑनलाइन परामर्श लिया है, जबकि जिला अस्पताल में महीने भर में 22,296 नए मरीज दवा लेने पहुंचे।
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कोविड के दौरान घर से बाहर निकलने पर पूरी तरह पाबंदी लगने के बाद टेलीमेडिसिन की शुरुआत की गई थी। सरकार ने ई-संजीवनी एप लॉंच कर ऑनलाइन परामर्श की व्यवस्था शुरू की थी, ताकि गंभीर से गंभीर मरीजों को घर बैठे इलाज मिल जाए। संकट के दौरान यह सेवा मरीजों के लिए वरदान साबित हुई, जिसका लाभ आज भी मरीज उठा रहे है।
ई-संजीवनी एप के माध्यम से हर महीने 25 से 30 या इससे भी अधिक मरीज ऑनलाइन परामर्श ले रहे हैं। सर्दी की वजह से जिला अस्पताल में ओपीडी गिरकर आधी रह गई है। पहले जहां ओपीडी 1000 से ऊपर होती थी, वह अब 500 के करीब रह रही है।
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इन मरीजों ने सेवा का उठाया लाभ

ब्लॉक नकहा क्षेत्र बढ़ईडीह गांव निवासी शत्रोहन लाल उच्च रक्तचाप, शुगर, सांस फूलने आदि बीमारियों से ग्रसित थे। गदाईपुर में स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर सीएचओ अरविंद वर्मा ने ई-संजीविनी के माध्यम से डॉक्टर से परामर्श कराया। इसी गांव के सत्यप्रकाश को स्टोन, रामकुमार को चेस्ट पेन, रामचंद्र पुत्र मिश्रीलाल को टीबी की बीमारी के विशेषज्ञ से ई-संजीवनी एप के माध्यम से परामर्श कराया।


हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर आ रहे काम
जिले के 369 हेल्थ एंड वेलनेंस सेंटर हैं, जहां सामान्य मरीजों का इलाज सीएचओ करते है। मरीजों की सीएचओ अपने विशेषज्ञ डॉक्टर से बात कराते हैं। डॉक्टर मरीजों का मर्ज समझने के बाद उनको दवाएं लिखते हैं। जो दवाएं सेंटर पर होती हैं, उनको वहीं पर दे दी जाती हैं। जो नहीं होती हैं, वह बाहर से लेनी होती हैं। दिसंबर महीने में 316 सीएचओ ने 32 हजार से अधिक मरीजों का टेली मेडिसिन के माध्यम से उपचार कराया है।

ऐसे ले सकते हैं लाभ
मोबाइल में प्ले स्टोर पर जाकर ई-संजीवनी एप इंस्टाल कर मोबाइल नंबर के जरिये पंजीकरण कराएं। इसमें दो ऑप्शन आते हैं। एक मरीज यानी स्वयं, दूसरा सीएचओ। अगर मरीज का ऑप्शन चुनते हैं तो कुछ प्रक्रिया के बाद सीधे डॉक्टर से बात कर सकते हैं। दूसरा ऑप्शन चुनने पर सीएचओ खुद ही डॉक्टर को कॉलकर बात कराएंगे। इसके लिए आपको हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर जाना होगा। ई-संजीवनी एप पर ऑनलाइन मरीजों को देखने के लिए रोस्टर के अनुसार डॉक्टर की ड्यूटी लगाई जाती। उस दौरान जो डॉक्टर ऑनलाइन ड्यूटी पर होगा, वह मरीज से बात कर दवाएं खिलेगा।

दिसंबर माह में जिले के 316 सीएचओ के माध्यम से 32,844 मरीजों का उपचार टेली टेली मेडिसिन यानी ई-संजीवनी के माध्यम से किया गया है। यह सुविधा कोविड के दौरान शुरू हुई थी, जो आज भी संचालित है और मरीजों को इसका लाभ भी मिल रहा है।
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-डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ
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