फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर-गोला डिपो को 40 लाख से ज्यादा राजस्व क्षति

विज्ञापन
चालकों के साथ बैठक करते एआरटीओ व एआरएम स्त्रोत। परिवाहन विभाग।
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी/ गोला गोकर्णनाथ। नए साल में चालकों की हड़ताल से बसों के पहिये थमने से लखीमपुर और गोला डिपो को दो दिन में 41 लाख से अधिक के राजस्व की क्षति हुई है। अनुबंधित बस चालक, वाहन चालक और ई-रिक्शा चालकों के साथ एआरटीओ और एआरएम की बैठक भी बेनतीजा रही।
विज्ञापन

चालकों की हड़ताल से लखीमपुर डिपो की 90 अनुबंधित और गोला डिपो की 112 बसों का चक्का जाम है। चालक प्रदर्शन कर रहे हैं और बस अड्डे पर सन्नाटा पसरा है। बसों की हड़ताल से यात्रियों की हालत खराब है। मंगलवार की दोपहर लखीमपुर बस अड्डे पर सन्नाटा पसरा था। इक्का-दुक्का बसें ही बस अड्डे पर खड़ी थीं। चालकों की हड़ताल से डिपो को पहले दिन करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ। दूसरे दिन का हाल भी यही रहा।
एआरएम मुकेश मेहरोत्रा ने बताया कि हड़ताल से एक दिन पहले डिपो ने करीब 11 लाख रुपये का राजस्व जुटाया था। नए वर्ष के पहले दिन 10 लाख का नुकसान हुआ है। मंगलवार को भी बसें नहीं चली हैं।
विज्ञापन


गोला डिपो की बसों में प्रतिदिन सफर करते हैं 14 हजार यात्री
गोला डिपो में 82 निगम और 30 अनुबंधित बसें हैं। प्रतिदिन 12 से 15 हजार यात्री गोला डिपो की बसों में सफर करते हैं। इन बसों से 14 से 15 लाख रुपये का राजस्व जुटाया जाता है। दो दिन की हड़ताल से डिपो को करीब 30 लाख रुपये के राजस्व की क्षति हुई है। एआरएम महेश चंद्र कमल ने बताया कि डिपो की सभी बसें खड़ी हैं। समस्या समाधान के लिए डीएम से बात करने जा रहे हैं।

बेनतीजा रही एआरटीओ-एआरएम की बैठक
हड़ताल को लेकर एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार और एआरएम लखीमपुर मुकेश मेहरोत्रा ने मंगलवार को अनुबंधित बस चालकों, प्राइवेट वाहन व ई-रिक्शा चालकों के साथ बैठक की। हड़ताल को लेकर बात की गई, लेकिन चालक नहीं माने। अधिकारियों की बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला।

चालकों के साथ बैठक करते एआरटीओ व एआरएम स्त्रोत। परिवाहन विभाग।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें