लखीमपुर। जंगल से बाघ प्रभावित गांवों में करीब चार हजार व्यक्तिगत शौचालयों का निर्माण कराया जाना है। पंचायत विभाग ने एक सप्ताह में सर्वे पूरा कर 2226 शौचालयों के लिए बजट भी जारी कर दिया है। अन्य शौचालयों के लिए भी एक सप्ताह में बजट मिल जाएगा, जो लाभार्थियों बैंक खातों में भेज दिया जाएगा।
जिले की महेशपुर, गोला, पलिया, निघासन, बांकेगंज, मैलानी आदि बाघ प्रभावित इलाका है। वहीं धौरहरा क्षेत्र में तेंदुओं का आतंक है। जिले में लगातार घटनाएं बढ़ रही है, जिसको लेकर शासन-प्रशासन काफी गंभीर है। डीपीआरओ विशाल सिंह ने बताया कि परिवार में एक शौचालय और सदस्यों की संख्या अधिक होने की वजह से लोगों को खुले में जाना पड़ता है।
ऐसे परिवारों का सर्वे कराया गया, जिनको शौचालय निर्माण की राशि प्राथमिकता दी जा रही है। जिले में खासकर बाघ प्रभावित इलाकों में मरम्मत वाले शौचालय का सर्वे कार्य भी लगभग पूरा हो गया है। शौचालय के लिए बजट केंद्रीय वित्त आयोग या फिर अलग से बजट दिया जाएगा। बाघ और तेंदुए के बढ़ते हमले के मध्य नजर ही या सर्वे कराया गया है। शौचालय के 6000 की प्रथम किस्त और फिर 6000 की दूसरी किस्त दी जाती है।