पलियाकलां। पलिया सीएचसी संसाधनों और स्टाफ के मामले में खुद बीमार है। हर दिन होने वाली करीब 400 से ज्यादा की ओपीडी के लिए यहां सिर्फ चार डॉक्टरों की ही तैनाती है। उसमें भी महज दो डॉक्टर ही ओपीडी कर रहे हैं। उधर, सीएचसी में नागरिक सुविधाओं का भी हाल बुरा दिखा।
बुधवार को सीएचसी में महज दो चिकित्सक ही ओपीडी करते दिखे। इसमें एक संविदा चिकित्सक भी शामिल हैं। दोनों चिकित्सकों के कमरों के बाहर काफी भीड़ लगी रही और मरीजों ने इंतजार के बाद अपना चेकअप कराया। यहां रोजाना चार से अधिक मरीजों की ओपीडी होती है, लेकिन उनको देखने के लिए मात्र चार चिकित्सक ही हैं। इसमें से एक चिकित्सक जहां अधीक्षक का पद संभाले हुए हैं, वहीं एक संविदा चिकित्सक भी मरीजों को देखते हैं। कुल मिलाकर दिन में ड्यूटी करने वाले डाॅक्टरों को रात की इमरजेंसी ड्यूटी में भी मजबूरन आना पड़ रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलिया में कहने को तो सभी सुविधाएं हैं। एक्सरे और अल्ट्रासाउंड मशीन भी यहां लगी हुई है। एक्सरे मशीन के लिए संचालक हैं, लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन खुद सीएचसी अधीक्षक डाॅ. भरत सिंह करते हैं। ऐसे में यहां दिन में कुछ ही अल्ट्रासाउंड हो पाते हैं। बुधवार को पलिया सीएचसी में मरीजों की संख्या अधिक रही। करीब 450 मरीजों की ओपीडी हुई। पर्चा वितरण कक्ष के बाहर भारी संख्या में पर्चा बनवाने के लिए मरीजों की भीड़ लगी रही। जबकि चिकित्सकों द्वारा देखने का मरीज बाहर पड़ी कुर्सियों पर इंतजार करते दिखे।
बिजली होने पर ही होता है एक्सरे
पलिया के सुरेंद्र, आसमां एक्सरे कराने के लिए आए थे। उनके मरीजों का एक्सरे होना था। उन्होंने बताया कि एक्सरे बिजली आने पर ही होता है, काफी देर से इंतजार के बाद एक्सरे हुआ है, जिसके बाद वह चिकित्सक को दिखाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर एक्सरे कराने आओ तो पहले बिजली है, यह जरूर देख लें ताकि दिक्कतें न हों।
पलिया सीएचसी में दवा लेने के लिए खड़े मरीज। संवाद
पलिया सीएचसी में दवा लेने के लिए खड़े मरीज। संवाद
पलिया सीएचसी में दवा लेने के लिए खड़े मरीज। संवाद