मनरेगा में सेंधमारी रोकने के लिए शासन ने बदली रणनीति
आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से होगा श्रमिकों का भुगतान
लखीमपुर खीरी। मनरेगा की धनराशि हड़पने के लिए कई ग्राम पंचायतों में सेंधमारी जारी है। इसे रोकने के लिए शासन ने ग्राम पंचायतों में तैनात की जा रहीं बीसी सखी की मदद लेने का निर्णय लिया है। ताकि मजदूरों को आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के माध्यम से भुगतान कराया जा सके और फर्जी जॉबकार्ड धारकों/वर्कर को चिह्नित किया जा सके।
जनपद में तीन लाख 77 हजार 845 जॉबकार्ड धारक परिवार हैं। एक जॉबकार्ड धारक परिवार में औसतन दो से तीन वर्कर (श्रमिक) हैं तो किसी परिवार में इससे भी अधिक संख्या में हैं। इस प्रकार जॉबकार्ड धारक परिवारों में वर्करों की संख्या छह लाख से अधिक अनुमानित है, जबकि मनरेगा सेल के रिकार्ड के मुताबिक, वर्तमान में 4,03,995 आधार कार्ड वाले वर्कर हैं। स्पष्ट है कि करीब दो लाख वर्कर ऐसे हैं, जिन्होंने आधार कार्ड नहीं लगाया है।
बताते चलें कि कोरोना काल में भी मनरेगा से ही बड़ी संख्या में मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया गया था, जिसमें प्रवासी मजदूूरों को भी रोजगार दिया गया था। सूत्र बताते हैं कि इस दौरान प्रवासी श्रमिकों के जॉबकार्ड भी बनाए गए थे। कइयों के आधार कार्ड नहीं लगे हैं। कुछ दिन पूर्व शासन स्तर पर आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम की समीक्षा में पाया गया कि मनरेगा सॉफ्टवेयर के एमआईएस पर जो आधार बेस्ड पेमेेंट की सूचना दिख रही है, वह मात्र 38 प्रतिशत है, जबकि 78 प्रतिशत मजदूरों के बैंक एकाउंट से आधार कार्ड जुड़ा है। इससे शासन स्तर पर निर्णय लिया गया कि मजदूरी का भुगतान आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम से किया जाए तो वह मनरेगा साफ्टवेयर पर भी आगे के लिए आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम में कनवर्ट हो जाएगा। इसे लागू कर मजदूरी को शत प्रतिशत आधार बेस्ड करने के लिए ग्राम पंचायतों में कार्यरत बैंकिंग करेस्पांडेंट सखी (बीसी सखी) के माध्यम से मजदूरी की धनराशि की निकासी ग्राम पंचायत में ही भुगतान कराने के निर्देश दिए गए हैं। (संवाद)
1165 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष 861 बीसी सखी कार्यरत
जनपद में कुल 1165 ग्राम पंचायतें हैैं, जिनमें बीसी सखी के माध्यम से मनरेगा के मजदूरों को मजदूरी का भुगतान कराया जाना है। हालांकि अभी 861 ग्राम पंचायतों में ही बीसी सखी की तैनाती हो पाई है। कुछ बीसी सखी को आरसेटी में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लिहाजा नई व्यवस्था के अनुसार 861 ग्राम पंचायतों में ही आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम लागू हो पाएगा।
जॉबकार्ड धारक परिवारों का होगा सत्यापन
जनपद के जॉबकार्ड धारक परिवारों का सत्यापन कराने के संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं। उपायुक्त मनरेगा विपिन चौधरी ने बताया कि वर्तमान में 3,77,845 एक्टिव जॉबकार्डधारक परिवार हैं, जिनका सत्यापन कराया जाएगा। इस संबंध में ब्लॉक को निर्देश जारी किए गए हैं।
‘शासन ने मनरेगा वर्करों को शत प्रतिशत आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम से मजदूरी का भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। इस नई व्यवस्था को लागू करने के संबंध में सभी ब्लॉकों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इस आधार बेस्ड पेमेंट सिस्टम से मजदूरों को बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, बल्कि गांव में ही बीसी सखी द्वारा आधार कार्ड के सहारे भुगतान प्राप्त कर सकेंगे।’
- विपिन चौधरी, उपायुक्त, मनरेगा