मैलानी। नगर पंचायत बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष के प्रस्तावों पर नाराजगी जताते हुए सात सदस्य इन प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए बिना चले गए। उधर अध्यक्ष का कहना है कि प्रस्ताव स्वीकृत न होने से विकास कार्यों में बाधा आएगी।
सोमवार को नगर पंचायत के सभागार में बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में सदस्यों ने सड़क, स्ट्रीट लाइट, पेयजल सहित विभिन्न प्रस्ताव पेश किए। अध्यक्ष कीर्ति माहेश्वरी ने नगर पंचायत के पार्क का नाम अग्रसेन पार्क रखने, एक हजार बंदरों को निविदा के माध्यम से पकड़वाकर सुरक्षित जंगल में पहुंचाने, मुख्य सड़क का नाम लाला कालीचरन रामस्वरूप मार्ग करने, एंटी लार्वा का छिड़काव, चमन चौराहा के प्रवेश द्वार का सौंदर्यीकरण करने आदि के प्रस्ताव पेश किए।
इस पर सात सदस्यों अजीत यादव, दिलीप कुमार, विकास कुमार, राशिद हुसैन, राम शंकर, कुसुमा देवी, ममता देवी ने नाराजगी जताई। ये सभी सदस्य प्रस्ताव रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए बिना बैठक से चले गए। इनका कहना है कि पूर्व के प्रस्तावों पर काम हुए बगैर नए प्रस्ताव मांगे जा रहे थे। इसी के विरोध में सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किए जाने का दावा किया।
सदस्यों का कहना है कि गोपनीय कैमरों से अन्य लोग बैठक की निगरानी कर रहे हैं, जबकि सदस्यों का बैठक हाल में मोबाइल ले जाना तक प्रतिबंधित है। शेष चार सदस्य नाजमा बेगम, मनोज कुमार, सूरज कुमार, संजू देवी का कहना है कि प्रस्तावों पर हस्ताक्षर न करके सात सदस्य नगर के विकास में रोड़ा बन रहे हैं। यदि ऐसा चलता रहा, तो विकास पूरी तरह ठप होने की आशंका है।
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बैठक में 11 सदस्य मौजूद थे। बैठक का बहिष्कार नहीं हुआ है। बैठक हुई है। प्रस्ताव लिखे गए हैं। प्रस्तावों पर विचार करके चर्चा भी हुई है।
राजेश चौधरी, ईओ नगर पंचायत मैलानी
बोर्ड की बैठक निर्धारित समय दिन के 12 बजे शुरू होकर साढ़े 12 बजे तक चली। सदस्यों का बैठक बहिष्कार और गोपनीय कैमरों से निगरानी का दावा पूरी तरह गलत है। एक को छोड़ 11 सदस्य उपस्थित रहे। मेरी ओर से सरकारी स्कूलों को स्मार्ट स्कूल बनाने, बंदरों को पकड़वाने सहित विकास के कई प्रस्ताव पेश किए गए। प्रस्तावों पर हस्ताक्षर न करके सात सदस्य नगर के विकास में बाधा बन रहे हैं।
कीर्ति माहेश्वरी, अध्यक्ष नगर पंचायत, मैलानी