लखीमपुर खीरी। जिले में इस वर्ष मेडिकल कॉलेज का सत्र शुरू करने की तैयारी है। अचार संहिता से पहले एनएमसी (राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग) की टीम आने की संभावना है, जो मेडिकल कॉलेज में निर्माण व अन्य कार्यों का निरीक्षण करेंगी। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग से हरी झंडी मिलने के बाद जनपद में मेडिकल कॉलेज का नया सत्र शुरू हो जाएगा।
देवकली में स्थित मेडिकल कॉलेज का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। फिनिशिंग चल रही है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. देश दीपक आर्य वहीं पर रहकर कार्यभार देखते हैं। इस सत्र से मेडिकल कॉलेज शुरू कराए जाने की तैयारी जोरो पर है। अचार संहिता से पहले एनएमसी (राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग) टीम आने की उम्मीद है। इसको लेकर कागजात सहित अन्य तैयारी की जा रही है।
मेडिकल सत्र के लिए एनएमसी की संस्तुति जरूरी है। बिना उसके मेडिकल कॉलेज का संचालन संभव नहीं। आचार संहिता से पहले एनएमसी टीम आने की उम्मीद है। टीम लखीमपुर मेडिकल कॉलेज निर्माण से संबंधित निरीक्षण कर पूरी जानकारी लेगी। साथ ही ओयल में स्थित अस्पताल का भी निरीक्षण करेंगे। देखेंगी कि अस्पताल की ओपीडी कितनी है, कितने ऑपरेशन होते हैं, मरीजों को भर्ती करने, एक्सरे-अल्ट्रासाउंड, जांच आदि सभी का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण में अगर टीम को सब मानक में मिला तो नए सत्र की अनुमति मिल जाएगी।
400 बेड का होगा मेडिकल अस्पताल
शहर में निर्माणाधीन मेडिकल अस्पताल 400 बेड का होगा। इसमें 350 बेड मुख्य अस्पताल के जबकि 50 बेड महिला अस्पताल के होंगे। मेडिकल अस्पताल के पास ही जिला महिला अस्पताल परिसर में डॉक्टरों के आवास बनाए जा रहे हैं। आवासों का निर्माण भी लगभग 70 से 80 फीसदी पूरा होने का दावा किया जा रहा है।
पिछले साल शुरू होने का सपना रह गया था अधूरा
जिले में पिछले साल योगी आदित्यनाथ आए थे, जिन्होंने उसी साल मेडिकल कॉलेज शुरू किए जाने की बात कहीं थी, लेकिन पिछले वर्ष निर्माण कार्य पूरा न होने व अन्य व्यवस्थाएं पूरी न होने पर सत्र शुरू नहीं हो सका। पिछले साल का सपना तो अधूरा रह गया था, लेकिन इस सत्र में मेडिकल कॉलेज शुरू होने की पूरी उम्मीद है।
बढ़ा रहा मेडिकल कॉलेज का स्टाफ
मेडिकल कॉलेज का स्टाफ लगातार बढ़ रहा है। मेडिकल कॉलेज के लिए कई एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति हो चुकी है। जिला अस्पताल के कई डॉक्टरों को असिस्टेंट प्रोफेसर बनाया जा चुका है। सभी विभागों के विभिन्न पदों के लिए प्रोफेसर, एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। लगातार स्टाफ बढ़ाया जा रहा है, ताकि मेडिकल सत्र शुरू होने में कोई बाधा न रहे।
ओयल अस्पताल से चलाना होगा काम
मेडिकल अस्पताल का निर्माण शहर में पुराने जिला अस्पताल परिसर में चल रहा है। ए, बी और सी ब्लॉक का निर्माण लगभग पूरा है। डी-ब्लॉक का निर्माण अब शुरू होने जा रहा है। ऐसे में इसको पूरा होने में कम से कम एक वर्ष चल जाएगा। मेडिकल कॉलेज में भले ही पढ़ाई सत्र शुरू हो जाएगी, लेकिन अस्पताल में इस वर्ष इलाज शुरू हो पाना संभव नहीं है। जब तक मेडिकल अस्पताल शुरू नहीं होता है, तब तक ओयल में स्थित एमसीएच विंग से काम चलाया जाएगा।