लखीमपुर खीरी। करीब एक साल पहले गोदाम प्रभारी लाखों रुपयों का एमडीएम अनाज स्कूलों को न देकर खुद ही डकार गए। एक साल से चल रही पुलिस की जांच में कोई कार्रवाई न होते देख अब मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है। बताते हैं कि उक्त मामले में रिकवरी भी हो चुकी है। फिलहाल क्राइम ब्रांच के हाथ में मामला जाने के बाद अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
मामला 2022 का है। ब्लॉक बांकेगंज के 134 स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) का अनाज बाजार में बिकने की खबर के बाद तत्कालीन बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पाण्डेय ने बीईओ से रिपोर्ट मांगी थी। बीईओ की रिपोर्ट के आधार पर थाना मैलानी में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बताया जाता कि माह जनवरी, फरवरी और मार्च 2022 में एसएफसी ने गोदाम प्रभारी को तीनों महीने तक खाद्यान्न दिया, लेकिन गोदाम प्रभारी ने खाद्यान्न कोटेदारों को नहीं दिया। लिहाजा खाद्यान्न बाजार में बिक गया।
डीएसओ, एसएफसी के प्रबंधक ने जां कराई तो मामला खुल गया। तत्कालीन गोदाम प्रभारी दिनेश कुमार सिंह और उनके कुछ साथियों को आरोपी बनाया गया था। पुलिस की धीमी कार्रवाई होने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होते देख मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने बीएसए कार्यालय पहुंचकर तमाम दस्तावेज अपनी सुपुर्दगी में ले लिया है।