1955 में नगर पंचायत सिंगाही के अध्यक्ष रहे सुरथ बहादुर शाह 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते। उन्होंने कांग्रेस के बाल गोविंद वर्मा को पराजित कर जीत हासिल की। यहां नगरीय निकाय के अध्यक्ष ही नहीं सभासदी से भी राजनीति शुरू कर संसद और विधानसभा तक का सफर तय करने वाले नेता रहे हैं। वर्ष 1971 से 1974 तक लखीमपुर नगर पालिका में ईदगाह वार्ड से सदस्य रहे जफर अली नकवी पहले दो बार विधायक और प्रदेश सरकार में वह और गृह राज्यमंत्री रहे। बाद में वर्ष 2009 में चुनाव जीत कर सांसद बने।
संविधान सभा के सदस्य रहने के बाद संभाली पालिका की कमान
संविधान सभा के सदस्य और विधायक रहे बंशीधर मिश्र 1957-1958 में लखीमपुर नगर पालिका के अध्यक्ष रहे। पं. बंशीधर मिश्र जाने माने कांग्रेस नेता और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। आजादी की लड़ाई से लेकर संविधान सभा की सदस्यता और विधानसभा की सदस्यता से राजनीति के गुर सीखकर बंशीधर मिश्र ने लखीमपुर नगर पालिका को अपने अनुभव का लाभ दिया। बड़े पदों पर रहने के बाद बंशीधर मिश्र के लखीमपुर नगर पालिका में अध्यक्ष पद का दायित्व संभालने से पद की गरिमा और प्रतिष्ठा दी।
नगर पालिका से विधानसभा तक पहुंचे थे अरविंद गिरि
नगर पालिका के दो बाद अध्यक्ष रहे अरविंद गिरि हैदराबाद विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे। नगर पालिका अध्यक्ष रहते हुए वह हैदराबाद सीट से सपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े और जीतकर विधायक बने। विधायक रहते हुए भी वह अध्यक्ष के पद पर आसीन रहे। जब अध्यक्ष पद महिला के लिए आरक्षित हो गया तो अरविंद गिरि ने अपनी पत्नी सुधा गिरि को चुनाव मैदान में उतारा। सुधा गिरि भी पांच साल तक विधायक रहीं।