पलियाकलां। दुधवा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जून 2023 से पहले जहां एक भी बाघ की मौत नहीं हुई थी। वहीं जून आते-आते चार बाघों की मौत से पार्क प्रशासन में हड़कंप मच गया था। इसके बाद वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने यहां आकर जांच की थी। इसके बाद दुधवा के फील्ड डायरेक्टर का जहां तबादला हुआ था। वहीं इस रेंज के रेंजर को मुख्यालय से अटैच किया गया। इतना ही नहीं वन दरोगा व फॉरेस्टर को भी हटाया। बीते तीन माह में दूसरी बार बाघिन का शव मिलने से पार्क प्रशासन में जहां हड़कंप की स्थिति है, वहीं बाघ के मामले में छानबीन भी की जा रही है।
09 जून 2023 को मैलानी रेंज के कुकुरगढ़ा ताल के पास एक व्यस्क बाघ का शव बरामद हुआ था। इससे पहले भी बफर जोन व निघासन रेंज में तीन अन्य बाघों के शव बरामद हो चुके थे। 09 जून को बरामद होने वाले बाघ के शव के बाद यह संख्या चार पहुंच गई थी। हालांकि पार्क प्रशासन द्वारा कुकुरगढ़ा ताल में मरने वाले बाघ की स्वभाविक मौत बताई थी, लेकिन लगातार चार बाघों की मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसको लेकर जांच बैठाई थी।
उन्होंने तीनों बाघों की मौत के घटनास्थल का जायजा लिया था। दुधवा से लेकर लखनऊ तक के वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकों के बाद उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी। जांच रिपोर्ट के बाद तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर बी प्रभाकर का यहां से तबादला कर दिया गया था। वहीं रेंजर को मुख्यालय से अटैच किया गया था। वन दरोगा व वन रक्षक को भी तबादला कर अलग जगह भेजा गया था। मामले में वन विभाग की लापरवाही भी सामने आई थी। अभी मार्च माह चल रहा है, करीब तीन माह पहले भी एक बाघ का शव गोला रेंज में बरामद हुआ है। तीन माह के बाद दोबारा से शव बरामद होने के बाद एक बार फिर से बाघों को लेकर चर्चाएं होने लगी हैं।