जिला अस्पतास्के बच्चा वार्ड में भर्ती मरीज को देख भाल करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
ओयल। मौसम की मार से रोजाना जिला अस्पताल की ओपीडी में 1500 से 1800 तक मरीज पहुंच रहे हैं। मंगलवार को अस्पताल का पुरुष वार्ड पूरा भर गया। वहीं महिला और बुजुर्ग वार्ड में सिर्फ एक-एक बेड रिक्त बचा। बुधवार को 1730 मरीजों की ओपीडी हुई।
जिला अस्पताल पहुंचने वाले अधिकांश मरीज बुखार से पीड़ित हैं। अस्पताल में बुधवार को डेंगू वार्ड में सात मरीज सुवेस कुमार, राधा देवी, वीरेश, शबनम, सचिन, मंजू देवी और प्रीति भर्ती मिले। वहीं बच्चा वार्ड में 24 बच्चे भर्ती थे। इसमें 13 बुखार से पीड़ित हैं। पुरुष वार्ड में 32 मरीजों में से 24, महिला वार्ड में 31 में से 16 मरीज बुखार की चपेट में हैं। वृद्धजन वार्ड में नौ में दो बुखार, त्वचा और अस्थि वार्ड में 29 में से नौ मरीज बुखार पीड़ित हैं। इमरजेंसी में 15 घंटों में 75 से अधिक मरीज पहुंचे हैं। इमरजेंसी वार्ड में 10 में से दो बुखार के मरीज भर्ती हैं। प्रत्येक दिन की ओपीडी पर नजर डाले तो 16 सितंबर को 925, 17 को 1439, 18 को 1730 नए मरीज दवा लेने पहुंचे।
भीड़ की वजह से मरीजों को नहीं मिल पाईं दवाएं
इन दिनों जिला अस्पताल में अत्यधिक मरीज दिखाने पहुंच रहे हैं। भीड़ की वजह से दवा मिलना मुश्किल है। सुबह पहले पर्चा बनवाने के लिए लंबी कतारों में लगना पड़ता है। उसके बाद डॉक्टर को दिखाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। अधिकांश लोग बुखार से पीड़ित हैं। इस वजह से डॉक्टर खून की जांच लिख देते है। रिपोर्ट अगले दिन मिलती है। ऐसे में मरीजों को दवा लेने में दो से तीन दिन तक लग जाते है।
जिला अस्पतास्के बच्चा वार्ड में भर्ती मरीज को देख भाल करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद