अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे सात करोड़ की लागत से लखीमपुर खीरी के मैलानी स्टेशन का कायाकल्प करेगा। इसका मास्टर प्लान तैयार होने के साथ ही टेंडर भी ओपन किये जा चुके हैं।
रेल मंत्रालय ने स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना के नाम से एक नई योजना तैयार की है, जिसके तहत दीर्घकालिक दृष्टिकोण से स्टेशनों का विकास कर स्टेशनों को शहर के मुख्य स्थान के रूप में विकसित किए जाने की परिकल्पना की गई है। इसके तहत मैलानी स्टेशन का भी कायाल्प होगा।
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एनई रेलवे लखनऊ मंडल के पीआरओ महेश गुप्ता ने बताया कि मैलानी स्टेशन को लगभग सात करोड़ की लागत से नई सुविधाओं के साथ ही पुरानी सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया जाएगा। मास्टर प्लान तैयार हो चुका है, जोकि चरणबद्ध तरीके से लागू होगा।
योजना के तहत होंगे ये कार्य
योजना के तहत मुख्य प्रवेश द्वार के सर्कुलेटिंग एरिया के विकास, स्थानीय कला और संस्कृति को शामिल करते हुए स्टेशन का सौंदर्यीकरण, प्लेटफार्म सरफेस का अपग्रेडेशन, स्टेशन फसाड, परिसर में उन्नत लाइटिंग, कोच गाइडेंस सिस्टम, ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड, डिजिटल घड़ियां, उद्घोषणा प्रणाली, सोलर प्लांट, वाटर कूलर, एयर कंडीशनर, ग्लोसाइन बोर्ड, एलईडी, नाम पट्टिकाओं, प्रतीक्षालय, शौचालयों का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि इसके लिए निविदाएं खोली जा चुकी हैं। मैलानी स्टेशन पर प्रतिदिन औसतन 1600 यात्रियों का आवागमन होता है। यहां ब्रॉडगेज की एक जोड़ी मेल, छह जोड़ी सवारी गाड़ियों की सुविधा है। यह स्टेशन यात्री सुविधा एनएसजी-5 ग्रेड का है। वन्यजीव प्रेमी और रोमांच के शौकीन पर्यटक यहां पहुंचकर दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य के भ्रमण को जा सकते हैं।
क्या है स्टेशन फसाड
फसाड अंग्रेजी का शब्द है। इसके मायने सामने का भाग या चेहरा है। आमतौर पर यह किसी इमारत के सामने का या बाहरी भाग होता है। इसके तहत स्टेशन के सामने का भाग के सौंदर्यीकरण के साथ ही रंग बिरंगी रोशनी से झिलमिलाएगा।
मैलानी एनई रेलवे का महत्वपूर्ण जंक्शन है। कालांतर में मीटरगेज के समय यहां से बरेली ही नहीं जोधपुर और गोरखपुर तक ट्रेनें जाया करती थीं। मैलानी-पीलीभीत खंड पर मैलानी से शाहगढ़ तक आमान परिवर्तन हो चुका है, लेकिन शाहगढ़-पीलीभीत के बीच आमान परिवर्तन पूरा न हो पाने की वजह से मैलानी से पीलीभीत तक ट्रेनों का आवागमन पिछले पांच वर्षों से बंद है।
मैलानी से पीलीभीत तक आमान परिवर्तन होने के बाद यहां से फिर दूर दराज तक ट्रेनों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। मौजूदा समय में यहां से बहराइच तक मीटरगेज की ट्रेनें जाती हैं। इसी से मैलानी को जंक्शन का दर्जा प्राप्त है।