लखीमपुर खीरी। खीरी संसदीय क्षेत्र की सामान्य प्रेक्षक आर. सीतालक्ष्मी, धौरहरा संसदीय क्षेत्र के सामान्य प्रेक्षक श्रीधर चेरुकुरी, व्यय प्रेक्षक (धौरहरा) सुमित बेसरा, व्यय प्रेक्षक (खीरी) सुदीप्त पाल ने राजनैतिक दलों एवं प्रत्याशियों के संग बैठक की। प्रत्याशियों को सचेत किया कि बिना अनुमति के प्रचार वाहन न चलवाएं। अनुमति वाहन पर चस्पा की जाए।
बैठक की शुरुआत में प्रेक्षकों ने दोनों लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों से परिचय किया। सभी प्रत्याशियों को आयोग के निर्वाचन संबंधी नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। रिटर्निंग अफसर से अनुमति लेकर चुनाव प्रचार सामग्री का प्रयोग करने को कहा। प्रत्याशियों, अभिकर्ताओं की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
प्रेक्षकों ने प्रत्याशियों को उनके एजेंटों को निर्वाचन अभिकर्ता, पोलिंग एजेंट, मतगणना एजेंट की नियुक्ति, उनके कर्तव्य एवं अधिकार तथा प्रशिक्षण के बारे में जागरूक किया। जिला निर्वाचन अधिकारी, डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि मतदान के दिन सभी राजनीतिक दल, उम्मीदवार व पोलिंग एजेंट अधिकारियों को मतदान कराने में सहयोग करेंगे।
सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि मतदान से पूर्व तीन बार व्यय का मिलान किया जाएगा।
दो मई को होगी ट्रेनिंग
दो मई को पोलिंग पर्सन की डीएस कॉलेज में ट्रेनिंग होगी। पोस्टल बैलेट के लिए प्रशिक्षण स्थल पर विधानसभा वार फैसिलिटेशन सेंटर बनाएं हैं, जिन कार्मिकों की ड्यूटी उसकी लोकसभा से इतर लगी है, उन्हें पोस्टल बैलेट निर्गत किए जाएंगे। जिन कार्मिकों की ड्यूटी अपनी लोकसभा के किसी मतदेय स्थल पर लगी है, उस कार्मिक को प्रशिक्षण स्थल से 12-ए पर आवेदन जारी होगा। जिसे भरकर संबंधित कार्मिक ईडीसी प्राप्त करेंगे। ताकि वह अपने ड्यूटी स्थल पर ईवीएम से मतदान कर अपने मताधिकार का प्रयोग करेगा।
प्रचार सामग्री पर प्रकाशक और मुद्रक का नाम जरूर छपेगा
एडीएम संजय कुमार सिंह ने कहा कि चुनाव प्रचार सामग्री पर प्रकाशक और मुद्रक के नाम के साथ-साथ उसकी मात्रा अनिवार्य रूप से मुद्रित होगी। वरिष्ठ कोषाधिकारी अमित कुमार राय ने कहा कि सभी प्रत्याशी व्यय रजिस्टर में सभी प्रविष्टियों बारीकी से भरेंगे।
व्यय प्रेक्षक करेंगे 3, 7 एवं 10 मई को निर्वाचन व्यय लेखा का मिलान
व्यय प्रेक्षक (धौरहरा) सुमित बेसरा, व्यय प्रेक्षक (खीरी) सुदीप्त पाल ने प्रत्याशियों से कहा कि व्यय के संबंध में 3, 7 एवं 10 मई को कलेक्ट्रेट सभागार में निर्वाचन व्यय के रिकॉर्ड का मिलान होगा। जिसमें अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करना सुनिश्चित करें। निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत करने के लिए अधिकृत निर्वाचन व्यय अभिकर्ता उपस्थित होकर निर्वाचन व्यय लेखा प्रस्तुत करेंगे।