दुधवा में चारा कटर के विदाई समारोह में शामिल हुई नन्ही हथिनी गौरी।
बांकेगंज। दुधवा के सलूकापुर बेस कैंप में चारा कटर के रूप में तैनात जगरूप मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गए। इस दौरान वनकर्मियों ने बेस कैंप में सम्मान समारोह आयोजित किया। इस दौरान वहां बिजनौर के नजीमाबाद जंगल से हाल ही लाई गई नन्ही हथिनी गौरी भी पहुंच गई। कभी वह कर्मचारी के कंथे पर सिर रखती तो कभी गोद में सिर रखने लगती।
दुधवा में टाइगर रिजर्व में पिछले 23 वर्षों से सेवा दे रहे जगरूप फिलहाल सलूकापुर बेस कैंप में चारा कटर के पद पर तैनात थे। सेवानिवृत्त होने पर उनके सम्मान समारोह में सभी ने उन्हें आगे जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान नजीमाबाद जंगल से लाई गई गौरी महावतों और चाराकटर से काफी घुलमिल गई थी। चंद दिनों में ही इस शिशु का उनसे काफी लगाव हो गया था।
डेढ़ माह में अधिकतर समय गौरी महावत इरशाद और जगरूप के साथ ही रहती थी। विदाई समारोह के दौरान गौरी ने कभी जगरूप के कंधे पर सूंड़ रखकर दुलार किया तो कभी उनकी गोद में सिर रख दिया। उसका यह दुलार देख जगरूप भी भावुक हो गए। इस दौरान रेंजर आरपी सिंह, डिप्टी रेंजर सुरेंद्र कुमार समेत वनकर्मी मौजूद रहे।