लखीमपुर। शराब पीने से मना करते हुए फेंक देने वाले ग्रामीण की हत्या के मामले में चार साल बाद फैसला आया है। एडीजे अशोक कुमार ने पिता-पुत्रों सहित पांच लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर साढ़े 17 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
31 जुलाई 2020 की शाम धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम मिर्जापुर निवासी चुन्नीलाल बाजार से अपने घर जा रहा था। रास्ते में एक घर के बाहर मुनेश्वर उर्फ सुशील और करन शराब पी रहे थे। उन लोगों ने चुन्नीलाल से हाल चाल के बाद उससे शराब पीने को कहा। चुन्नीलाल शराब छोड़ चुका था। उसने पैग फेंक दिया। इसपर कहासुनी होने लगी। इसी बीच कुछ लोगों ने बीच-बचाव करा दिया। चुन्नीलाल अपने घर चला आया।
कुछ देर बाद महेश, मुनेश्वर, करन के साथ ही पिता फूलचंद्र और गांव के रामपाल को लेकर चुन्नीलाल के घर धावा बोल दिया गया। गाली-गलौज करते हुए उसे बाहर निकाला गया। दरवाजे पर ही मारपीट करने के बाद चुन्नीलाल को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। अदालत ने आरोपित फूलचंद्र, महेश, करन, रामपाल और मुनेश्वर को उम्रकैद की सजा सुनाई है।