ग्रामीणों से जानकारी लेते वनकर्मी
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तेंदुआ नहीं, भेड़िया होने की आशंका
वन क्षेत्राधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि तेंदुए का हमला नहीं लग रहा है। तेंदुआ गला पकड़ता है, जबकि बच्ची के सिर के पिछले हिस्से में जख्म है। उन्होंने कहा कि पदचिन्ह में भी तेंदुए की पुष्टि नहीं हुई है। किसी हिंसक वन्य जीव का हमला है, संभवत भेड़िया हो सकता है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका गांव नदी के पार है। गर्मियों में अक्सर हिंसक पशु बाघ, तेंदुआ, पानी पीने के लिए नदी के किनारे आते हैं। ग्रामीणों पर हमला कर देते हैं।
धौरहरा के वन क्षेत्राधिकारी नृपेंद्र चतुर्वेदी ने कहा कि किसी हिंसक पशु ने बालिका का शिकार किया है। अभी यह कह पाना कठिन है कि तेंदुए ने बच्ची का शिकार किया है। तेंदुए के पगचिन्हों की पुष्टि नहीं हुई है। तात्कालिक तौर पर पीड़ित की सहायता के लिये 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।