निघासन। पड़ोस के गांव में मजदूरी पर गन्ना छीलने गए साले-बहनोई को खेत में मौजूद तेंदुए ने हमलाकर जख्मी कर दिया। गुस्साए सैकड़ों लोगों ने लाठी-डंडे लेकर खेत को घेर लिया। वनकर्मियों के साथ लुधौरी और बेलरायां रेंजर के अलावा पुलिस अधिकारी और लेखपाल भी मौके पर डटे हुए हैं।
बृहस्पतिवार सुबह करीब दस बजे दक्षिण निघासन रेंज के रंगईपुरवा गांव का रामनरेश अपने बहनोई मुकुंद के साथ पड़ोसी गांव बजरंगगढ़ फार्म निवासी गुरप्रीत सिंह के खेत में गन्ना छील रहे थे। तभी खेत में पहले से मौजूद तेंदुए ने रामनरेश पर हमला करके उसकी पीठ पर पंजा मार दिया। वह शोर मचाते हुए भागा। हालांकि रामनरेश की पीठ मामूली तौर पर जख्मी हुई। शोर सुनकर गन्ना छील रहे अन्य मजदूर और आसपास खेतों में काम कर रहे लोग शोर मचाने लगे। इस पर तेंदुआ फिर गन्ने के खेत में घुस गया। रामनरेश को शोर मचाते सुन मुकुंद उसे बचाने पहुंचा। उसे उम्मीद नहीं थी कि खेत में कोई जानवर है। तब तक तेंदुआ मेड़ के नजदीक आ गया था। उसने मुकुंद का हाथ चबा लिया।
किसी तरह मुकुंद छूटे और शोर मचाया। खबर पाकर आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए और गन्ने के खेत को घेर लिया। सूचना पाकर लुधौरी रेंजर आरिफ जमाल और बेलरायां रेंजर बलवंत बहादुर सिंह फारेस्टर पुष्कर सिंह आदि वनकर्मी, पढुआ पुलिस चौकी इंचार्ज अबलीश पंवार, कोतवाली के एसआई रामगौरव और लेखपाल अजय कुमार मौके पर पहुंचे। दोनों रेंज अफसरों ने जानकारी लेने के साथ ही तेंदुए को भगाने की कोशिश कर रहे ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया।
उनकी काफी कोशिशों के बावजूद भीड़ कम नहीं हुई तो वे शाम होने के इंतजार में बैठ गए। इस बीच घायल मजदूरों को निघासन सीएचसी ले जाया गया। दक्षिण निघासन के वन क्षेत्राधिकारी आरिफ जमाल ने बताया कि गन्ने के खेत में मौजूद जानवर तेंदुआ है। दो किलोमीटर दूर बेलरायां रेंज के जंगल से आया हो सकता है। उसे उसी तरफ खदेड़ने की कोशिश की जा रही है लेकिन ग्रामीणों की भीड़ इसमें आड़े आ रही है। देर शाम भीड़ कम होने पर उसे जंगल की तरफ खदेड़ने का काम किया जाएगा।