लखीमपुर खीरी। धौरहरा तहसील में तैनात लेखपाल ने गोंडा की एक कंपनी से अपने भाई को दस लाख का ऋण दिलाने के लिए बड़ी साजिश रची। लेखपाल ने अपने भाई की सत्यापन रिपोर्ट में एसडीएम सदर के फर्जी हस्ताक्षर कर दिए। मामला संज्ञान में आते ही एसडीएम धौरहरा ने उसे निलंबित कर दिया। रिपोर्ट डीएम को भेजी गई है।
धौरहरा तहसील के लेखपाल अरविंद विश्वकर्मा की तैनाती कस्बे में ही है। आरोप है कि लेखपाल अरविंद ने अपने भाई के नाम गोंडा की एक फाइनेंस कम्पनी से दस लाख के ऋण के लिए आवेदन किया था। कंपनी ने सत्यापन कराया तो लेखपाल अरविंद ने एसडीएम सदर श्रद्धा सिंह और एक नायब तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर रिपोर्ट कंपनी को भेज दी।
संदेह होने पर कंपनी ने एसडीएम से स्वयं हस्ताक्षर प्रमाणित कराए तो रिपोर्ट में किए गए हस्ताक्षर फर्जी मिले। कंपनी ने इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने मामले की जांच एसडीएम धौरहरा राजेश कुमार को सौंपी। जांच में लेखपाल दोषी पाया गया। एसडीएम ने मंगलवार को दोषी लेखपाल को निलंबित कर दिया। एसडीएम धौरहरा राजेश कुमार ने बताया कि लेखपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।