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सर्किल रेट में वृद्धि के खिलाफ वकील अड़े डीएम बोले- कमेटी करेगी फैसला

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आठ दिन से सदर तहसील के रजिस्ट्री दफ्तर का कामकाज ठप
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बार एसोसिएशन का 11 अगस्त तक कार्य बहिष्कार का प्रस्ताव
राजस्व को लाखों की क्षति, अफसर अब तक नहीं करा पाए समाधान
लखीमपुर खीरी। एक अगस्त से लागू सर्किल रेट में वृद्धि से खफा सदर तहसील के वकीलों और दस्तावेज लेखकों का धरना-प्रदर्शन 29 जुलाई से लगातार जारी है। इससे रजिस्ट्री दफ्तर में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है और लाखों के राजस्व की क्षति हो रही है। उधर, बार एसोसिएशन ने मूल्यांकन सूची में संशोधन न किए जाने के चलते 11 अगस्त तक कार्य बहिष्कार का प्रस्ताव रखा है। उधर, डीएम महेंद्र बहादुर सिंह का कहना है कि वकीलों से बात हुई है। अब कमेटी ही इसका कोई समाधान निकालेगी।
वर्ष 2018 के बाद 2022 में सर्किल रेट में 20 से 30 प्रतिशत मूल्य वृद्घि किए जाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने किया था, लेकिन कुछ स्थानों पर प्रस्तावित मानक से कहीं अधिक मूल्य वृद्घि कर दी गई है। इससे नाराज लखीमपुर तहसील बार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष उत्तम कुमार वर्मा और मंत्री विकेश कुमार तिवारी की अगुवाई में वकीलों व दस्तावेज लेखकों ने 21 बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए डीएम व एआईजी स्टांप को ज्ञापन दिया था और रजिस्ट्री दफ्तर के बाहर 29 जुलाई से प्रदर्शन शुरू किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारी वकीलों ने रजिस्ट्री दफ्तर में लोगों के घुसने पर भी पाबंदी लगा दी, जिससे बीते आठ कार्यदिवसों में एक भी रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। दफ्तर में कामकाज पूरी तरह ठप हो चुका है।
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वहीं वकीलों के अलावा व्यापार मंडल भी सर्किल रेट में हुई अत्यधिक वृद्धि के विरोध में ज्ञापन देकर आपत्ति जता चुका है। अब वकीलों ने अनिश्चितकालीन बहिष्कार का एलान कर दिया है। हालांकि एसोसिएशन द्वारा प्रस्ताव में 11 अगस्त तक कार्य बहिष्कार जारी रखने की बात कही गई है।
जिलाध्यक्ष उत्तम कुमार वर्मा ने बताया कि डीएम से हुई वार्ता में मूल्यांकन सूची में संशोधन करने की बात चल रही है, लेकिन संशोधित मूल्यांकन सूची जारी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा, जबकि डीएम का कहना है कि इस संबंध में कमेटी बैठेगी फिर आगे का निर्णय होगा।

नए सर्किल रेट एक अगस्त से लागू कर दिए गए हैं। इससे पहले प्रस्तावित मूल्यांकन सूची पर जुलाई में लोगों से आपत्तियां मांगी गई थीं, जिनके निस्तारण के बाद ही नए सर्किल रेट लागू किए गए हैं। रजिस्ट्री दफ्तर में कामकाज बाधित है। वकीलों से वार्ता की जा चुकी है, लेकिन वह अपनी मर्जी से कार्य बहिष्कार कर रहे हैं।
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- संजय कुमार सिंह, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)

वकीलों से वार्ता हुई है। मामले को लेकर जल्द कमेटी बैठेगी जो तमाम बिंदुओं पर विचार विमर्श करके आगे का फैसला करेगी। सभी पक्षों पर विचार किया जाएगा, जिससे न तो राजस्व की हानि हो और न ही जनहित की उपेक्षा हो। जल्द ही कमेटी इस पर फैसला लेगी।
- महेंद्र बहादुर सिंह, डीएम
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