मृतक के परिजनों को मुआवजे की चेक देते चीनी मिल अधिकारी एवं किसान नेता-संवाद
गोला गोकर्णनाथ। नगर की चीनी मिल में जूस हीटर के पास वॉल्ब खोलते समय झुलसे ठेका मजदूर की मौत के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार से इन्कार करते हुए मुआवजे की मांग की। काफी समय तक चले हंगामे के बाद किसान नेताओं की मध्यस्थता के चलते मामला शांत हुआ और 10 लाख के मुआवजे पर सहमति बनने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।
मृतक घनश्याम पुत्र कढ़िलेराम काफी अर्से से बजाज मिल में ठेके पर मजदूरी करता था। 17 फरवरी को घनश्याम झुलस गया था, जिसे लखनऊ के मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया। 23 फरवरी की दोपहर घनश्याम की मृत्यु हो गई। शव गांव जगन्नाथपुर लाया गया। मामले की संजीदगी देखते हुए गांव में पुलिस तैनात कर दी गई। 24 फरवरी को भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष कुलवंत सिंह जोशन और राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पटेल श्री कृष्ण वर्मा, जिला अध्यक्ष मनोज कुमार फौजी गांव पहुंच गए।
उन्होंने मृतक की मां गोमता देवी और बहन लीलावती के लिए तत्काल मुआवजे की मांग की। जिस पर मौके पर मौजूद मिल के कारखाना प्रबंधक आरके मिश्रा और पीसी गुप्ता ने बताया कि मुआवजे के दस लाख रुपये तीन महीने में मृतक की मां को दे दिए जाएंगे। किसान नेताओं ने तत्काल दस लाख का चेक मांगा। कहा कि मुआवजे की राशि मिलते ही चेक वापस कर दिया जाएगा। इस पर मिल अधिकारी तैयार हो गए और भारतीय स्टेट बैंक पीलीभीत का आठ लाख का चेक मृतक की माता गोमता देवी और बहन लीलावती को दिया गया। दो लाख रुपये प्रधान नजमा को दिए गए कि वह सोमवार को मृतक की मां के बैंक खाते में धनराशि जमा करवा देंगी।
इसके बाद मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर ग्राम जलालपुर की प्रधान नजमा, मृतक के चचेरे भाई रामसेवक, मृतक के भतीजे अमित कुमार, स्वतंत्र शाही, बबलू, महेश आदि मौजूद रहे।