....मोहर लगाकर दीजिए रिसीविंग
अधिकारियों से वार्ता और प्रत्यावेदन जमा करने के दौरान तक किसान कई बार भड़के। पहले तो प्रत्यावेदन की रिसीविंग को लेकर काफी देर तक बहस चली। बाद में किसान प्रत्यावेदन की रिसीविंग पर मोहर लगाने की बात पर अड़ गए। पांच से 10 मिनट तक काम रुका रहा। बाद में अधिकारियों ने मोहर मंगवाई। रमाकांत वर्मा, रविकांत वर्मा, मासूक अली, उर्मिला देवी, शीला, गोबरे, रामपति, श्रीदेवी, सोहनलाल, रामकृष्ण यादव, मीना देवी, राकेश कुमार, सुधा देवी, भूरे लाल और अभिनय मौर्य आदि 286 किसानों ने प्रत्यावेदन दिया है।
डीएम से मिले किसान, सौंपा ज्ञापन
प्रत्यावेदन जमा करने पहुंचे किसानों ने डीएम से मुलाकात की। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में आवास विकास अधिकारियों के साथ हुई बैठक में किसी तरह की सहमति न बनने की बात कही। भूमि न देने को कहा। किसानों ने समस्या समाधान न होने पर छह जुलाई से कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन की बात भी ज्ञापन में कही है।
यह है भूमि अधिग्रहण का मामला
वर्ष 2010 में आवास विकास परिषद ने राजापुर मार्ग गृहस्थान योजना की अधिसूचना जारी की। जमीन का अधिग्रहण शुरू किया गया। इस प्रोजेक्ट में करीब 317 एकड़ जमीन की आवश्यकता थी। दर का निर्धारण 17.91 रुपये वर्ग फिट तय किया गया। प्रोजेक्ट की शुरुआत से किसान नाराज थे। 21 जून को किसानों ने विलोबी हाल के सामने पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध किया था। बुधवार को कलक्ट्रेट में भी विरोध-प्रदर्शन किया था।