हादसे की खबर सुनकर दिल बैठ सा गया
काशीनगर निवासी प्रशांत वर्मा के पिता रामखेलावन, मां विद्यावती व परिवार की विंदेश्वरी, लीलावती भी रामेश्वरम यात्रा पर गई थीं। प्रशांत ने बताया कि सभी लोग 17 अगस्त को घर से गए थे। सुबह हादसे का पता चला तो अनहोनी की आशंका से दिल बैठ सा गया। पिता से बात हुई तो राहत मिली। बताया कि, मां-पिता और अन्य परिजन सुरक्षित हैं। वहां से फोटो भी भेजी है। ये लोग बेंगलुरु, कन्या कुमारी व मैसूर घूमने के बाद मदुरै पहुंचे थे।
ट्रैवल्स से मिली सूची में शामिल 16 यात्री
टूर एंड ट्रैवल्स से मिली सूची अनुसार, काशीनगर मोहल्ले के रामखेलावन वर्मा, उनकी पत्नी विद्यावती, विंदेश्वरी, लीलावती व हाथीपुर कोठार के सुशील कुमार गुप्ता, सावित्री देवी गुप्ता, निर्मल कुमार वर्मा, राम मनोहर वर्मा, शांति देवी व हर्ष वर्मा यात्रा पर गए थे। इनके अलावा भीरा के कनौजी लाल वर्मा, निर्मला देवी, मोहल्ला आवास विकास के ह्रदय नरायण वर्मा, कमला देवी वर्मा, गांव मकसूदपुर के विजय कुमार व कमला भी यात्रियों में शामिल हैं। हाथीपुर कोठार निवासी शांति देवी की मृत्यु हादसे में होना बताया जा रहा है।
विजय वर्मा और उनके समधी का मोबाइल और सामान जला
मदुरै में ट्रेन के जिस डिब्बे में आग लगी, ग्राम मकसूदपुर के विजय वर्मा और उनकी पत्नी कमला देवी भी उसी में थीं। लखीमपुर में रहने वाले उनके समधी अजय नारायण वर्मा और उनकी पत्नी कमला वर्मा भी साथ गई थीं।
परिजनों ने बताया कि कोच में कोई गैस सिलिंडर से चाय बना रहा था। इसी समय आग लग गई। आग लगते ही यह लोग बाहर निकल आए। हालांकि इनका सामान जल गया। विजय वर्मा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ सदस्य हैं। सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य पद से इसी वर्ष रिटायर हुए हैं।