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Lakhimpur Kheri News: लखीमपुर हादसा - रो-रोकर बेसुध हुए परिजन

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लखीमपुर खीरी। रामापुर चौकी क्षेत्र के गांव पनगी खुर्द में शनिवार की रात 7.30 बजे हुए हादसे में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है और पांच घायल जिंदगी-मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। हादसे के बाद दिखे खौफनाक मंजर को याद कर लोग दूसरे दिन भी सिहर उठे।
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रविवार को गमगीन माहौल में शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद जब शव गांव पहुंचे तो घरों में कोहराम मच गया। घरों में चीख-पुकार मच गई। महिलाएं रो-रोकर बेसुध हो गई। रोती-बिलखती महिलाओं से छुड़ाकर किसी तरह शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। इस दौरान गांवों में मातमी सन्नाटा नजर आया। पीड़ित परिवार के घरों में पूरा गांव सांत्वना देने के लिए उमड़ पड़ा। लोग एक-दूसरे को ढांढस बंधाते रहे।
अंतिम संस्कार में शामिल होकर लखीमपुर लौट रहे थे स्कूटी सवार दंपति
लखीमपुर खीरी। पनगी खुर्द में हुए भयानक सड़क हादसे में सबसे पहले दुर्घटना का शिकार हुए दंपती कीरतपुर निवासी 38 वर्षीय करुणेश वर्मा अपनी पत्नी अर्चना के साथ स्कूटी से शनिवार को लखीमपुर लौट रहे थे। पनगी खुर्द में कार ने उन्हें टक्कर मार दी थी।
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बताते हैं कि दंपति शनिवार को लखीमपुर के मोहल्ला हिदायतनगर से एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गांव गए थे। करुणेश ने मोहल्ला हिदायतनगर में भी अपना मकान बना रखा था, जहां रुककर वह अपने दोनों बच्चों अर्पित व अंशिका की पढ़ाई करा रहे थे। करुणेश अपने परिवार में इकलौते कमाऊ बेटे थे, उन्हीं के कंधों पर घर की जिम्मेदारी थी। अब उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे बूढ़ी मां कमला, पत्नी अर्चना व दो बच्चों को छोड़ गए हैं। गंभीर रूप से घायल पत्नी का इलाज लखनऊ में चल रहा है। करुणेश के पिता रामनरेश की 13 साल पहले मौत हो गई थी।
मां कमला देवी के लिए इकलौता पुत्र ही सहारा था, जिसे भी हादसे ने छीन लिया। रविवार को जब करुणेश का शव कीरतनगर स्थित घर पहुंचा, तो कोहराम मच गया। गांव के लोगों ने किसी तरह पीड़ित परिवार का ढांढस बंधाया। जिसके बाद 13 वर्षीय पुत्र अर्पित ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। मृतक की मां कमला देवी अपने इकलौते बेटे की हादसे में मौत और बहू अर्चना के घायल होने से काफी गमगीन दिखीं, उन्होंने रूंधे गले से कहा कि अब घर की जिम्मेदारी कौन संभालेगा। करुणेश ही खेतीबाड़ी करके घर का खर्च चलाता था। वहीं नाबालिग पोता और पोती अभी पढ़ाई कर रहे हैं। संवाद
तीन भाइयों में सबसे छोटा था रिजवान
लखीमपुर खीरी। पनगी खुर्द निवासी जलील का 16 वर्षीय पुत्र रिजवान भी इस भयानक सड़क हादसे में मौत का शिकार हो गया। तीन भाईयों सरताज, शोएब के बाद रिजवान सबसे छोटा था। इसके अलावा परिवार में तीन बहने भी हैं। मृतक के भाई सरताज ने बताया कि शनिवार की रात स्कूटी व कार में हुई टक्कर के बाद रिजवान मौके पर देखने गया था, तभी काल बनकर आए तेज रफ्तार ट्रक ने मौके पर जुटी भीड़ को रौंद दिया। इसमें रिजवान भी ट्रक की चपेट में आ गया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। रिजवान की अचानक हुए हादसे में मौत से परिवार के लोग काफी गमजदा नजर आए। दोपहर बाद शव गांव पहुंचने के बाद सुपुर्दे खाक कर दिया गया। संवाद
रोहित ने इलाज के दौरान लखनऊ में दम तोड़ा
लखीमपुर खीरी। सड़क हादसे में दो सगे भाई भी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसमें से 16 वर्षीय रोहित कुमार पुत्र जंगबहादुर की इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई, जबकि 18 वर्षीय जगतपाल का इलाज लखनऊ में चल रहा है। शनिवार की रात हुए पहले हादसे के बाद दोनों भाई रोहित व जगतपाल मौके पर घायलों की मदद करने के लिए गए थे। तभी बेकाबू ट्रक द्वारा भीड़ को रौंदे जाने के दौरान दोनों भाई भी ट्रक की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दूसरा भाई जगतपाल भी घायल है जो जिंदगी-मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। रोहित की मां की पहले मौत हो चुकी है। घर में परिवार की महिलाएं रो-रोकर बेसुध हो गईं। रविवार की दोपहर तीन बजे तक शव लखनऊ से गांव नहीं पहुंचा था। इस हादसे के बाद मृतक के भाइयों प्रदीप और नागराज पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, क्योंकि दूसरा भाई जगतपाल भी घायल अवस्था में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है। संवाद
एनएच के अधिशासी अभियंता मौके पर जांच करने पहुंचे
लखीमपुर खीरी। एनएच के अधिशासी अभियंता शुभ नारायण और सहायक अभियंता पीआर मौर्या रविवार को घटनास्थल पर जांच करने पनगी खुर्द पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि यहां पर ब्लैक स्पॉट जैसी कोई स्थिति नहीं है। सड़क बिल्कुल सीधी है। सड़क सुरक्षा संबंधी सभी मानक पूरे हैं। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए मानवीय भूल जिम्मेदार है, जिसमें चालक द्वारा लापरवाहीपूर्वक तेज रफ्तार में गाड़ी चलाना दुर्घटना का कारण प्रतीत हो रहा है। संवाद
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