बैठक करते ईंट-भट्ठा संघ के पदाधिकारी।
सरकार के खिलाफ जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि ने खोला मोर्चा
लखीमपुर खीरी। खीरी ईंट निर्माता संघ ने ईंट-भट्टा उद्योग की समस्याओं पर केंद्र एवं राज्य सरकार के ध्यान न देने पर अगले सीजन में हड़ताल का एलान किया है। देशव्यापी हड़ताल को लेकर भट्ठा एसोसिएशन की बृहस्पतिवार को काशीनगर स्थित जिला कार्यालय में बैठक हुई।
संगठन जिलाध्यक्ष एवं जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि नरेंद्र सिंह ने कहा कि कोयले की कीमत में 250 से 300% की वृद्घि, लाल ईंटों पर जीएसटी दर एक से बढ़ाकर छह प्रतिशत और पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने के सरकार के निर्णय के विरोध में आगामी सीजन में देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि भट्ठा उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार देने वाला एक प्रमुख उद्योग है। सूबे में करीब 18,000 ईंट-भट्ठों से लाखों लोगों को रोजगार मिलता है, लेकिन सरकार की गलत नीतियों के चलते इन सबके रोजगार पर संकट के बादल छा सकते हैं। देश एवं प्रदेश समिति के तमाम प्रयासों के बाद भी सरकार अड़ियल रवैया अपनाए हुए है।
जिला महासचिव सुयश अग्रवाल ने कहा कि सरकार जिस तरह से थर्मल पॉवर प्लांट को आधार मूल्य पर कोयला मुहैया कराती है, उसी तरह से भट्टों को गुणवत्ता का कोयला उपलब्ध कराने के लिए कोयला नीति बनाए। साथ ही भट्ठों के लिए स्पष्ट खनन नीति बने, जिससे खनन के लिए भट्ठा मालिकों को प्रशासन की प्रताड़ना का शिकार न होना पड़े। इन तमाम परेशानियों एवं जटिलताओं को लेकर भट्टा समिति ने आगामी सीजन में हड़ताल रखकर ईंट-भट्टे बंद रखने का निर्णय लिया है। सुयश कुमार अग्रवाल, विजय केशवानी, सुशील अग्रवाल, शाश्वत केडिया आदि मौजूद रहे।