लखीमपुर खीरी जिले में नकली दवाओं के मिलने का सिलसिला नहीं थम रहा। शुक्रवार को आई जांच रिपोर्ट में एक बार फिर दो एंटीबायोटिक दवाएं नकली मिलीं। दोनों में दवा का कंटेंट नहीं था। दवा के नाम पर महज खड़िया बेची जा रही थी। दोनों दवाओं की निर्माता कंपनी एक ही है। ड्रग इंस्पेक्टर का कहना है कि निर्माता कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। दोनों दवाओं की बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है।
पिछले माह एक मेडिकल स्टोर से एंटीबायोटिक दवा कोटिन-625 एवं कोसिफ-200 का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। लखनऊ स्थित राजकीय विश्लेषक प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में टेबलेट में दवा न होने का खुलासा हुआ है।
इससे पहले 17 मार्च को शहर के मोहल्ला थरवरनगंज स्थित एक मेडिकल एजेंसी से एंटीबायोटिक टेबलेट सिफिक्जिम एवं लैक्टिक एसिड 200 एमजी का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया था। नौ मई को लैब की आई जांच रिपोर्ट में टेबलेट में दवा की उपलब्धता नहीं मिली। इस तरह यह तीनों टेबलेट की बिक्री एंटीबायोटिक के नाम पर की जा रही थी।
ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत ने बताया कि लैब रिपोर्ट में एंटीबायोटिक टेबलेट कोटिन-625 एवं कोसिफ-200 में दवा की उपलब्धता बिल्कुल नहीं मिली है। इन दोनों दवाओं के नकली मिलने पर इनकी बिक्री प्रतिबंधित कर दी गई है। साथ ही स्टॉकिस्ट एवं मेडिकल स्टोर संचालकों को इन दवाओं की बिक्री न करने के निर्देश दिए हैं। इन दोनों दवाओं की ब्रिकी होते मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संबंधित फर्म के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।