कांबिंग करती वन विभाग की टीम स्रोत : वन विभाग
लखीमपुर खीरी। मोहम्मदी-महेशपुर रेंज के गांवों के पास खेतों में चहलकदमी कर रहे बाघ के जमालपुर गांव के पास पगचिह्न मिले हैं। वन कर्मियों ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बाघ को बेहोश कर पकड़ने के लिए कानपुर प्राणि उद्यान के डॉक्टरों की टीम पहुंची है। दुधवा नेशनल पार्क की टीम भी बाघ को ट्रैक करने में जुटी है।
करीब 40 गांवों में दहशत का पर्याय बना बाघ अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आया है। 24 कैमरे, चार पिंजरे और ड्रोन से निगरानी की कवायद अब तक काम नहीं आई है। बाघ का फोटो कैमरे में तो कैद हो रहा, लेकिन बाघ पिंजरे में नहीं फंस रहा है। मंगलवार को वन विभाग की टीम ने अजान, इमलिया, घरथनियां, हैदराबाद, खरगापुर, बघमरा, मूड़ा, काजरकोरी व जमालपुर में पैदल गश्त की।
ड्रोन कैमरे की मदद से बाघ की मौजूदगी का पता लगाया गया। जमालपुर गांव के पूरब में बाघ के पगचिह्न देखे गए हैं। इस क्षेत्र में निगरानी टीमों को तैनात किया गया है। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के डीएफओ संजय विश्वाल ने बताया कि वन क्षेत्र से बाहर घूम रहे बाघ को बेहोश कर पकड़ने के लिए मंगलवार को कानपुर प्राणि उद्यान से डाॅ. नितेश कुमार कटियार, पशु चिकित्सक के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम मोहम्मदी पहुंची है।
बाघ को ट्रैक करने के लिए दुधवा नेशनल पार्क से आठ सदस्यीय दल भी घटना स्थल पर पहुंचा है। यह टीमें स्थानीय वन कर्मियों के साथ संयुक्त रूप से कांबिंग कर बाघ को रेस्क्यू करेंगी।