लखीमपुर खीरी/तिकुनिया। सरकारी विभागों में समन्वय की स्थिति बेहद खराब है। भारत-नेपाल सीमा के करीब तिकुनिया क्षेत्र में 10 किमी लंबा मौतीपुर-कौड़ियाला मार्ग इसकी हकीकत बयां कर रहा है। यह सड़क बेहद महत्व की है। इसी सड़क से होकर वाहनों का नेपाल आना-जाना होता है। सड़क की मियाद तीन महीने पहले ही खत्म हो चुकी है। अब यह महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मार्ग लोक निर्माण विभाग के दो पटलों के बीच झूल रहा है।
सीमा पर स्थित तिकुनिया मंडी दोनों देशों का सीमांत इलाका होने की वजह से काफी अहम हैं। रोज नेपाल से कारोबारी इस मंडी में खरीदारी करने आते हैं। ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर के सामान की मांग रहती है। हर दिन का व्यापार करीब एक करोड़ से ज्यादा का होता है लेकिन तिकुनिया से नेपाल को जोड़ने वाला मार्ग जर्जर अवस्था में है। राहगीर व वाहन चालक अक्सर इस सड़क से गुजरने पर घायल होते हैं।
वाहनों को भी समस्या होती है। ऐसे में बाहर से आने वाले भारी वाहन तिकुनिया में ही ठहरते हैं। भारी वाहनों से माल अनलोड कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और बैलगाड़ी के माध्यम से नेपाल को जाता है।
इस सड़क का मालिकाना हक लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड तीन के पास है, जबकि पांच साल पहले प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अंतर्गत सड़क का कायाकल्प कराया गया, लेकिन पांच साल तक इसकी मरम्मत की दोबारा जरूरत नहीं समझी गई।
करीब 200 गांवों की लाखों की आबादी को जोड़ता है यह मार्ग
भारत-नेपाल सीमा का मोतीपुर गुरुद्वारा कौड़ियाला मार्ग करीब 200 गांव के ग्रामीणों को जोड़ता है। इस मार्ग से रोजाना हजारों लोगों का आगमन होता है। भारत-नेपाल सीमा तक जाने के कारण नेपाली नागरिकों का आवागमन सबसे ज्यादा होता है। सीमा के इस मार्ग को अंतरराष्ट्रीय मार्ग भी कहते हैं। दशकों पुराने इस मार्ग की बरसों से चौड़ीकरण की मांग उठती रहती है, लेकिन किसी जिम्मेदार अधिकारी या जन प्रतिनिधि ने कोई ध्यान नहीं दिया।
अंतर्राष्ट्रीय मार्ग से जुड़े संपर्क मार्ग भी खस्ताहाल
मोतीपुर-कौड़ियाला अंतरराष्ट्रीय मार्ग से विभिन्न गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग भी खस्ताहाल हैं। इस मार्ग से ग्राम पंचायत उमरा, हरदवाही, सूरत नगर, दरेहटी, पोखरी, निबौरिया, बनबीरपुर, बरसोला कला, बाबा पुरवा, खैरेटिया, मझरापूरब, बिछिया, गिरजापुरी, इंद्र नगर, रायपुर, गुलरिहा, पथरशाह सहित करीब 200 गांव के ग्रामीण रोजाना आवागमन करते हैं। जबकि, गन्ने के सीजन में चीनी मिल बेलरायां का पेराई सत्र चलने से गन्ना केंद्रों से भी वाहन गन्ना लेकर इसी मार्ग से गुजरते हैं।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री का क्षेत्र, फिर भी उपेक्षा का शिकार सड़क
तिकनिया केंद्रीय गृह राज्यमंत्री और खीरी सांसद अजय मिश्र टेनी का क्षेत्र है। तिकुनिया से छह किलोमीटर की दूरी पर उनका पैतृक निवास बनवीरपुर है। जहां से होकर यह मार्ग नेपाल सीमा को जाता है। केंद्रीय गृहराज्यमंत्री के घर से नेपाल सीमा महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उनके गांव के रास्ते से ही सड़क नेपाल सीमा को छूती है। बताते हैं कि पांच साल पहले पीएमजीएसवाई ने सड़क की मरम्मत करवाई थी, लेकिन पांच पूरे होने तक सड़क जर्जर हो चुकी है।
यह है पेच
सड़क की पीएमजीएसवाई के तहत पांच साल पहले मरम्मत करवाई गई थी। सितंबर में पांच साल पूरे हो चुके हैं। पीएमजीएसवाई के अधिकारी का कहना है कि अब यह सड़क उनके खाते में नहीं है। मियाद पूरी होने के बाद अब यह वापस लोनिवि के पास चली गई है। लोनिवि ही यह तय करेगा कि सड़क को कैसे सुधारा जाए। वहीं लोनिवि के स्थानीय जेई का कहना है कि अभी शासन से यह रोड लोनिवि में नहीं आई है, इसलिए निर्माण संभव नहीं है।
वर्जन
पीएमजीएसवाई के अंतर्गत इस समय कोई सड़क नहीं है। हमारे पास कोई नई सड़क नहीं है, जिसे बनाया जाए या मरम्मत की जाय। 14 सड़कें हम बना रहे हैं, जिनका काम पूरा हो गया है। सितंबर में पांच वर्ष पूरे होने के बाद यह लोनिवि के पास चली गई है।
राजेश कुमार
अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई, लोनिवि
मार्ग को चौड़ा किया जाना है, लेकिन अभी तक यह सड़क प्रधानमंत्री सड़क योजना में ही दर्ज है। जब यह सड़क शासन से पीडब्लूडी में आएगी, तब चौड़ीकरण का कार्य शुरू कराया जाएगा।
- आरके नागर, अवर अभियंता, निर्माण खंड तीन