लखीमपुर खीरी। परिषदीय स्कूलों से लेकर निजी स्कूलों के बच्चों का डाटा सुरक्षित रखने के लिए पीईएन (पेन) नंबर जारी किया जाता है। इसी तर्ज पर अब हर स्कूली बच्चे का अपार कार्ड बनाया जाएगा। आने वाले समय में यह अपार नंबर पेन नंबर का स्थान लेगा। 12 अंकों की अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आधार से लिंक होगी।
केन्द्रीय और नवोदय विद्यालयों के कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों की तरह अब जिले के सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के बच्चों की अपार आईडी बनाई जाएगी। इस आईडी से स्कूलों के छात्र-छात्राओं की शैक्षिक प्रगति व उपलब्धि को ट्रैक किया जा सकेगा। साथ ही डिजिलॉकर की सहायता से सभी एकेडमिक अभिलेख का सत्यापन भी होगा। स्कूल से इतर भी बच्चों का चिह्नीकरण किया जा सकेगा।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि छात्र-छात्राओं की शैक्षिक यात्रा तथा उनके अंकपत्र आदि का विवरण स्वतः अपार आईडी में सुरक्षित हो जाएंगे। अपार आईडी यू-डायस पोर्टल के माध्यम से बनाई जाएगी। आईडी बनाए जाने का कार्य विद्यालय स्तर से ही लॉगिन करते हुए किया जाएगा।
बीते दिनों स्कूल शिक्षा महानिदेशक कंचन वर्मा ने बीएसए, डीआईओएस, जिला समाज कल्याण अधिकारी के अलावा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को पत्र जारी किया है। पत्र में यह निर्देश दिए गए हैं कि अपार आईडी के महत्व के बारे में बच्चों के माता-पिता को बताए। स्कूलों, बीआरसी पर होने वाले अभिभावक-अध्यापक बैठक में इसके लाभ बताए जाएं।