हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए सीएचसी अरविंद व र्मा- स्रोत स्वा
लखीमपुर खीरी। ठंड का मौसम बच्चों के लिए काफी घातक साबित हो रहा है। अभी तक बच्चे निमोनिया की चपेट में आ रहे थे, लेकिन अब टॉन्सिल्स की समस्या भी देखने को मिल रही है। जिला अस्पताल पहुंचने वाले हर 10वें बच्चे में यह समस्या सामने आई है। एक से पांच साल तक के बच्चे सबसे ज्यादा इसकी चपेट में आ रहे हैं।
इससे बच्चों की लार की ग्रंथियों में सूजन आ जाने से खाने-पीने में कठिनाई के साथ-साथ बुखार और सिर दर्द का भी सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में रोजाना तीन से चार बच्चे इससे संबंधित दवा लेने पहुंच रहे हैं। गुरुवार को जिला अस्पताल में सुजाता, रोहिनी, साजिया, यश यादव आदि बच्चे दवा लेने पहुंचे। वहीं, शुक्रवार को अदम्य, चित्रांस, मनु आदि को परिजन टॉन्सिल्स की समस्या पर लेकर आए। जिला अस्पताल के अलावा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर भी बच्चे अपने अभिभावकों के साथ दवा लेने पहुंच रहे हैं।
लक्षण
गले में दर्द होने लगता है और खाने-पीने में दिक्कत होती है। लार ग्रंथियों में सूजन आ जाती है। पीड़ित को बुखार आना, सिर दर्द, आदि प्रमुख लक्षण हैं। बीमारी की जद में आने के बाद पीड़ित को मास्क पहनना चाहिए और हाथ व मुंह की सफाई बार-बार करना चाहिए। इसके अलावा बीमारी के दौरान तरल पदार्थ का अधिक सेवन करना चाहिए।
टॉन्सिल्स से पीड़ित बच्चे दवा लेने पहुंच रहे हैं। सामान्य उपचार के बाद एक हफ्ते में आराम मिल जा रहा है। ठंड के समय इस तरह की समस्या बढ़ जाती है।
-डॉ. आरए खान, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल