दूसरे प्रदेश से गेहूं मंगाकर पीडीएस में कराया जा रहा है वितरण
लखीमपुर खीरी। जनपद में गेहूं के दामों में भारी उछाल आया है। इससे आटा भी महंगा हो गया है। वर्तमान में 2015 रुपये प्रति क्विंटल रेट वाला गेहूं 2900 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है। वहीं बाजार में आटा 34 से 35 रुपये प्रति किलो बिक रहा है तो वहीं ब्रांडेड कंपनियों का 40 से 42 रुपये प्रति किलो।
गेहूं के दामों में हो रही बेतहाशा वृद्घि के पीछे जनपद में गेहूं के स्टॉक में कमी बताई जा रही है। सरकारी एमएसपी 2015 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक रेट में गेहूं बाजार में बिक गया था। बता दें कि पिछले वर्ष 2022-23 में सरकारी गेहूं खरीद नाममात्र की हो पाई थी, जिससे पीडीएस यानी सरकारी राशन की दुकानों पर गेहूं बांटने के लिए पंजाब समेत दूसरे राज्यों से गेहूं मंगाया जा रहा है।
आंकड़ों पर गौर करें तो सरकार ने क्रय एजेंसियों को 1.88 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया था, जिसके सापेक्ष क्रय एजेंसियां सिर्फ 851.34 मीट्रिक टन ही गेहूं खरीद पाईं थीं। जो लक्ष्य का 0.45 प्रतिशत है। यह खरीद भी मात्र 146 किसानों से संभव हो पाई थी। पिछले वर्ष ही गेहूं के रेट में तेजी आने से हालात यह हो गए थे कि किसानों ने क्रय केंद्रों की ओर रुख ही नहीं किया था।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष कुमार पटेल ने बताया कि गेहूं खरीद के लिए 133 क्रय केंद्र खोले गए थे, जिसमें से मात्र 43 क्रय केंद्रों पर ही 851.34 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो पाई थी। इससे सरकारी गोदाम गेहूं से खाली ही रहे थे, जिसके एक-दो माह बाद ही पीडीएस में गेहूं बांटने के लिए एफसीआई को दूसरे प्रदेशों से गेहूं मंगाना पड़ा था।
जनपद में उत्पादित गेहूं की ज्यादातर खरीद गल्ला व्यापारियों ने की थी। यही वजह है कि बाजार में गेहूं का भाव आसमान छू रहा है, जबकि गेहूं की नई फसल अप्रैल से बाजार में आना शुरू होगी। इसके बाद ही गेहूं के बढ़ते रेट पर लगाम लग सकती है।