लखीमपुर खीरी। भीरा थाना क्षेत्र में खुदकुशी की कोशिश का मामला एकाएक चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया में जिंदा को मृत दिखाकर आरोपी को जेल भेजने की चर्चा हो रही है। हालांकि चार्जशीट में ऐसा कुछ नहीं है। अलबत्ता आत्महत्या के लिए उकसाने में आरोपी अभी भी जेल में है। केस की सुनवाई एडीजे न्यू एफटीसी की कोर्ट में 18 जुलाई को होनी है।
केस बीते साल का है जिसमें सबसे पहले 6 सितंबर 2022 को भीरा थाना क्षेत्र में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें पीड़िता ने आरोपी अनुज और उनके घर वालों के खिलाफ छेड़खानी और फांसी के फंदे पर लटकने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने 8 सितंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़िता के अदालत में बयान दर्ज कराने के बाद चार्जशीट दाखिल की गई। विवेचक जितेंद्र यादव ने इस केस में आरोपी पर आईपीसी की धारा 354, 306 के साथ 511 भी लगाई थी। चार्जशीट पर सवाल उठे तो फिर से पर्चा काटते हुए पूरक आरोप पत्र एससीडी दाखिल किया गया जिसमें धारा 511 हटाई गई थी। इस मामले में सुनवाई के बाद अदालत ने 30 जून को फिर से धारा 511 जुड़वाई।
पीड़िता पर भी संभव है कार्यवाही
पूर्व एडीजीसी और वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने बताया कि धारा 309 खुदकुशी के लिए प्रयास करने वाले को दंडित करने का प्रावधान करती हैं। हालांकि खुदकुशी के लिए उकसाने के लिए अलग से कोई धारा नहीं बनाई गई थी। लिहाजा 306 के साथ 511 लगा कर अभियोजन किया जा रहा है।
अदालती एतराज पर हटाई थी धारा 511
विवेचक जितेंद्र सिंह यादव ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण के नोटिस पर उन्होंने लिखित जवाब दिया था कि अदालत में धारा 511 लगाए जाने पर एतराज जताया गया था, जिसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर धारा 511 सप्लीमेंट्री केस डायरी प्रथम पर्चा काटते हुए 511 हटाई गई थी।